
उपराष्ट्रपति धनखड़ का इस्तीफा: क्या सिर्फ़ स्वास्थ्य कारण हैं या कुछ और?-सोमवार देर रात उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। 74 वर्षीय धनखड़ के कार्यकाल में अभी दो साल बाकी थे, लेकिन उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति ने तुरंत उनके इस्तीफे को स्वीकार कर लिया। लेकिन क्या वाकई यही वजह है या इसके पीछे कुछ और है? आइए जानते हैं पूरी कहानी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!इस्तीफे की टाइमलाइन: क्या कुछ छिपा है?-कांग्रेस ने इस इस्तीफे पर सवाल उठाए हैं। पार्टी नेता जयराम रमेश ने बताया कि सोमवार दोपहर 12:30 बजे धनखड़ ने राज्यसभा की BAC बैठक ली थी। इस बैठक में भाजपा के वरिष्ठ नेता शामिल थे। शाम 4:30 बजे एक और बैठक तय थी, लेकिन भाजपा के नेता उसमें शामिल नहीं हुए। कांग्रेस का दावा है कि दोपहर और शाम के बीच कुछ ऐसा हुआ जिससे उपराष्ट्रपति ने इस्तीफा दे दिया। क्या ये सिर्फ़ संयोग है या कुछ और?
भाजपा का रुख: स्वास्थ्य कारणों पर ज़ोर-भाजपा ने इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। कुछ पार्टी सूत्रों का कहना है कि इस्तीफे के पीछे सिर्फ़ स्वास्थ्य कारण हैं। लेकिन विपक्ष के सवालों के आगे ये सफाई कितनी कारगर होगी, ये देखना बाकी है।
मानसून सत्र में हलचल-संसद का मानसून सत्र चल रहा है। ऐसे में उपराष्ट्रपति के इस्तीफे से राज्यसभा की कार्यवाही प्रभावित हो सकती है। उपराष्ट्रपति राज्यसभा के सभापति होते हैं, इसलिए उनके न होने से सत्र की सुचारू रूप से चलने पर सवाल उठ रहे हैं।
आगे क्या?-अब सभी की नज़रें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पर हैं। वे कार्यवाहक उपराष्ट्रपति की नियुक्ति करेंगी या नहीं, ये देखना होगा। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि क्या संसद में इस मुद्दे पर बड़ा बयान आएगा या विपक्ष इसे और ज़ोरदार तरीके से उठाएगा। एक बात तो साफ़ है कि उपराष्ट्रपति के इस कदम से देश की राजनीति में गरमाहट आ गई है।

