Join us?

व्यापार

देश का चालू खाता घाटा जीडीपी के 2% से घटकर 0.7% हुआ

देश का चालू खाता घाटा जीडीपी के 2% से घटकर 0.7% हुआ

भारत का चालू खाता घाटा (Current Account Deficit) वित्त वर्ष 24 में सकल घरेलू उत्पाद का 0.7 प्रतिशत या 23.2 बिलियन डॉलर हो गया, यह एक साल पहले जीडीपी के 2 प्रतिशत या 67 बिलियन डॉलर था। भारतीय रिजर्व बैंक ने सोमवार को इसकी जानकारी दी।

दक्षिण एशियाई देश ने वित्त वर्ष 2024 की अंतिम तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद का 0.6 प्रतिशत चालू खाता अधिशेष दर्ज किया, जो Q3FY24 में GDP का 1 प्रतिशत और Q4FY23 में GDP के 0.2 प्रतिशत के घाटे से अधिक है। Q4 में मर्चेंडाइज ट्रेड डेफिसिट $50.9 बिलियन था, जो Q4FY23 के $52.6 बिलियन से कम था।

जनवरी-मार्च 2024 में वस्तु व्यापार घाटा 50.9 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा, जो एक साल पहले के 52.6 बिलियन अमेरिकी डॉलर से कम था। केंद्रीय बैंक ने कहा कि इस खंड में 4.1 प्रतिशत की वृद्धि के कारण 42.7 अरब डॉलर की शुद्ध सेवा प्राप्तियां 39.1 अरब डॉलर से अधिक थीं।

रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार प्राथमिक आय खाते में शुद्ध खर्च एक साल पहले के 12.6 अरब डॉलर से बढ़कर 14.8 अरब डॉलर पर पहुंच गया। निजी हस्तांतरण प्राप्तियां, जो मुख्य रूप से विदेशों में कार्यरत भारतीयों द्वारा प्रेषण का प्रतिनिधित्व करती हैं, मार्च तिमाही में 11.9 प्रतिशत बढ़कर 32 अरब डॉलर हो गईं।

जनवरी-मार्च तिमाही में प्रवासी भारतीयों के पास जमा राशि बढ़कर 5.4 अरब डॉलर हो गई, जो एक साल पहले समान अवधि में 3.6 अरब डॉलर थी। शुद्ध प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रवाह Q4 FY24 में 2 बिलियन अमरीकी डालर था, जबकि एक वर्ष पहले 6.4 बिलियन अमरीकी डालर था।

विदेशी पोर्टफोलियो निवेश ने तिमाही के दौरान 11.4 अरब डॉलर का शुद्ध प्रवाह दर्ज किया, जबकि एक साल पहले 1.7 अरब डॉलर का शुद्ध बहिर्वाह हुआ था। भारत में बाह्य वाणिज्यिक उधारी के तहत शुद्ध प्रवाह 1.7 बिलियन अमरीकी डॉलर के मुकाबले 2.6 बिलियन अमरीकी डॉलर था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
होंठों के ऊपर कालेपन से है परेशान? करें ये इस्तेमाल मुंबई में घूमने के लिए प्रमुख स्थान मानसून का मज़ा लीजिए, लेकिन इन स्ट्रीट फूड्स से रहें दूर