
नैनीताल । उत्तराखंड सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों को धार्मिक स्थलों के दर्शन कराने के उद्देश्य से दीन दयाल उपाध्याय मातृ-पितृ तीर्थाटन योजना शुरू की है। इस योजना के माध्यम से नैनीताल जिले से 60 वर्ष से अधिक आयु के 29 बुजुर्गों का एक दल शुक्रवार को बद्रीनाथ धाम के दर्शन के लिए रवाना हुआ। इस दल में 16 महिलाएं और 13 पुरुष शामिल हैं। जिला पर्यटन अधिकारी अतुल भंडारी ने पर्यटक आवास गृह सूखाताल से दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
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उन्हाेंने बताया कि यह यात्रा चार दिन की होगी, जो नैनीताल से प्रारंभ होकर कालेश्वर, बद्रीनाथ, कर्णप्रयाग होते हुए वापस नैनीताल पहुंचेगी। श्री भण्डारी ने बताया कि योजना के तहत दूसरा दल शनिवार को पर्यटक आवास गृह, सूखाताल से रवाना होगा।
उल्लेखनीय है कि इस योजना के अन्तर्गत सरकार का उद्देश्य राज्य के ऐसे बुर्जुगों को चारधाम यात्रा करवाना है, जो आर्थिक रूप से यात्रा करने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे वृद्धजनों के लिए चारधाम यात्रा के दौरान आवासीय व्यवस्था, आने-जाने की व्यवस्थाएं पर्यटन विभाग के माध्यम से की जाती हैं।
60 वर्ष से अधिक उम्र के इच्छुक बुजुर्ग इस योजना के तहत चिह्नित धार्मिक स्थलों के लिये पर्यटन विभाग के कार्यालयों अथवा विभागीय वेबसाइट से आवेदन पत्र लेकर जमा कर सकते हैं। बजट उपलब्ध होने पर और एक स्थान के लिये एक बस की क्षमता यानी 30-32 की संख्या में बुजुर्गों के एकत्र होने पर हर वर्ष यह यात्रा कराई जाती है। योजना के तहत सभी धर्मों के तीर्थ स्थानों की यात्रा की जा सकती है।
इस अवसर पर पर्यटन विभाग के चंदन सिंह बिष्ट, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी नैनीताल बी. गफ्फार, पर्यटक आवास गृह सूखाताल के प्रभारी प्रकाश मेहरा और निगम के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। राज्य सरकार की इस पहल को वरिष्ठ नागरिकों और उनके परिवारों ने सराहा है, जिससे उन्हें अपने धार्मिक और आध्यात्मिक अनुभवों को साकार करने का अवसर मिल रहा है।

