
कैलाश मानसरोवर यात्रा 2025 का दूसरा जत्था हुआ रवाना, जयकारों के बीच दिखा भक्ति और उत्साह का अनोखा संगम
टनकपुर से मानसरोवर यात्रा: भक्तों का दूसरा जत्था रवाना-उत्साह और आस्था का संगम: 9 जुलाई को टनकपुर से कैलाश मानसरोवर यात्रा का दूसरा जत्था रवाना हुआ। 48 यात्रियों के इस जत्थे ने भोलेनाथ के जयकारों के साथ अपनी पवित्र यात्रा शुरू की। कुमाऊं मंडल विकास निगम के अतिथि गृह से हरी झंडी दिखाकर उन्हें विदा किया गया। यात्रियों के चेहरे पर उत्साह साफ झलक रहा था।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!भावुक विदाई और प्रशासनिक सहयोग: अधिकारियों और स्थानीय लोगों ने यात्रियों को भावुक विदाई दी। इस यात्रा में, सरकार यात्रियों को हर संभव सुविधा और सुरक्षा प्रदान करने में जुटी है। यह यात्रा सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत और प्रशासनिक दक्षता का भी प्रतीक है।
पारंपरिक स्वागत और लोक संस्कृति: पिछले हफ्ते, पहले जत्थे का टनकपुर में जोरदार स्वागत किया गया था। ‘बम-बम भोले’ के जयकारों, ढोल-दमऊ, छोलिया नृत्य, आरती और फूलमालाओं से यात्रियों का अभिनंदन किया गया। 32 पुरुषों और 13 महिलाओं वाले इस जत्थे का स्वागत उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति की झलक दिखाता है।
श्रद्धा और सरकार का समर्थन: कैलाश मानसरोवर यात्रा उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय है। राज्य सरकार, स्थानीय प्रशासन और पर्यटन विभाग मिलकर इस यात्रा को सफल बनाने में लगे हुए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद इस पर नज़र रख रहे हैं ताकि श्रद्धालुओं को हर संभव मदद मिल सके।

