RADA
देश-विदेश
Trending

बिहार में रेलवे की तीन नवनिर्मित रेल लाइनें राष्ट्र को समर्पित

बिहार को चार नई ट्रेनों की सौगात

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

24 अप्रैल 2025: माननीय प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने मधुबनी जिला के लोहना में आयोजित कार्यक्रम से रेलवे की तीन नवनिर्मित रेल लाइनें राष्ट्र को समर्पित किया तथा बिहार को चार नई ट्रेनों की सौगात दी। जिन ट्रेनों को माननीय प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया उनमें जयनगर पटना नमो भारत रैपिड रेल और सहरसा लोकमान्य तिलक अमृत भारत एक्सप्रेस तथा दो पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं। नमो भारत रैपिड रेल के बारे में विस्तार से बताते हुए रेलवे बोर्ड के सूचना एवं प्रचार के कार्यकारी निदेशक दिलीप कुमार ने पत्रकारों को बताया कि दो शहरों के बीच तेज रफ्तार, आधुनिक सुविधाओं से युक्त रेल ट्रांसपोर्ट का सपना अब हकीकत बन गया है। नमो भारत रैपिड रेल अमृतकाल में भारतीय रेल के विकास का नया सारथी है। यह ट्रेन इंटरसिटी ट्रैवल के लिए देश के अंदरूनी इलाकों में स्थानीय लोगों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त सफर की गारंटी देती है। उन्होंने बताया कि नमो भारत रैपिड रेल मॉडर्न सुविधाओं से लैस है। यह इंटरसिटी ट्रेन जयनगर को पटना से जोड़ेगी। 16 कोच में 2 हजार से ज्यादा यात्री क्षमता के साथ इस ट्रेन का संचालन बिहार के विकास को नई रफ्तार देने वाली है। यह ट्रेन जयनगर से पटना के बीच मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, बेगूसराय, मोकामा और पटना जिला को कनेक्ट करेगी। अहमदाबाद-भुज के बाद यह देश की दूसरी ‘नमो भारत’ रैपिड रेल सेवा है। इससे दो शहरों के बीच न केवल दूरी कम होगी बल्कि बिहार के सपनों को भी नई उड़ान मिलेगी।

ये खबर भी पढ़ें : Raipur News, Chhattisgarh News, Epaper, Daily Hindi Morning Newspaper

नमो भारत रैपिड रेल तेज़ एक्सेलरेशन और आधुनिक ब्रेकिंग सिस्टम से लैस है। इसके दोनों सिरों पर ड्राइविंग कैब्स होने के कारण इसे टर्नअराउंड की ज़रूरत नहीं होगी, जिससे समय की बचत होगी। नमो भारत पूरी तरह से एयर कंडीशन्ड है और इसमें एर्गोनॉमिकली डिज़ाइन सीटें लगी हैं। ट्रेन में वैक्यूम आधारित मॉड्यूलर टॉयलेट, दिव्यांग अनुकूल शौचालय और डस्ट-प्रूफ सील्ड गैंगवे भी हैं, जिससे ट्रेन का सफर अधिक स्वच्छ, सुलभ और शांतिपूर्ण बनता है। इस ट्रेन की एक खासियत इसका ‘कवच’ सुरक्षा सिस्टम से लैस होना है। इसके हर कोच में सीसीटीवी कैमरे, फायर डिक्टेशन सप्रेशन सिस्टम और आपातकालीन टॉक-बैक सिस्टम सुरक्षित सफर का आश्वासन देते हैं। ट्रेन के कोच ऑटोमैटिक दरवाजों के साथ सेमी-परमानेंट कपलर्स से युक्त हैं, जो यात्रियों को झटके का अनुभव नहीं होने देते। इससे तेज गति का सफर सुगम और सुरक्षित रहता है। ट्रेन में रूट-मैप इंडिकेटर भी हैं, जो हर स्टेशन की जानकारी देंगे। यह सुविधा ओपन लाइन रेलवे में पहली बार दी जा रही है। आपातकालीन लाइटिंग, एलईडी लाइटिंग और अल्ट्रा मॉडर्न डिजाइन से यात्रियों को एक शांत और रोशनी से भरा माहौल मिलता है। सहरसा और लोकमान्य तिलक के बीच चलाई गई अमृत भारत एक्सप्रेस के बारे में बताते हुए रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक ने कहा कि अमृत भारत 2.0 ट्रेन भारतीय रेल की आधुनिक पहल है। यह ट्रेन आम यात्रियों को कम किराए में बेहतर सुविधा, आराम और स्वदेशी तकनीक का अनुभव देती है। इस ट्रेन को विशेष रूप से मिडिल क्लास और अंत्योदय के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसके कोच पूरी तरह से भारत में बने हैं और आत्मनिर्भर भारत की भावना को और मजबूती देते हैं।

ये खबर भी पढ़ें : पहलगाम हमले की छाया में घिरी फिल्म अबीर गुलाल, उठने लगी बहिष्कार की आवाजें

अमृत भारत ट्रेन सुविधाजनक है। इसका लुक और डिज़ाइन भी अत्यंत आकर्षक है। ये किसी प्रीमियम ट्रेन जैसा अनुभव देती है। रेलवे की यह कोशिश है कि आम आदमी भी शान और आराम के साथ यात्रा कर सके और इसी सोच के साथ यह ट्रेन शुरू की गई है। पर्यावरण के प्रति सजगता, ऊर्जा की बचत और यात्रियों की सुविधा- ये तीनों पहलू इस ट्रेन की पहचान हैं। यह ट्रेन देश के विकास की नई रफ्तार और बदलते भारत की झलक है। अमृत भारत एक्सप्रेस की सेफ्टी फीचर के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि
अमृत भारत 2.0 ट्रेन में सुरक्षा और तकनीकी दृष्टिकोण से कई महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कपलर में क्रैश ट्यूब और EP-असिस्टेड ब्रेक सिस्टम की सुविधा दी गई है, जिससे तेजी से ब्रेक लग सकेगा। ये पूरी तरह से सील्ड गैंगवे और वैक्यूम एवैक्यूशन सिस्टम से लैस है। हर कोच में टॉक बैक यूनिट तथा गार्ड रूम में रिस्पॉन्स यूनिट से यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत किया गया है। गैर-एसी कोचों में पहली बार फायर डिटेक्शन सिस्टम की सुविधा यात्रियों की सुरक्षा में नई क्रांति है।

ये खबर भी पढ़ें : मृतक दिनेश मिरानिया की पत्नी और बच्चों से मिलकर अमित शाह ने दी सांत्वना

अमृत भारत 2.0 के साथ भारतीय रेल में पहली बार ट्रेन में सेमी-ऑटोमैटिक कपलर का उपयोग किया गया है जिससे ट्रेन जुड़ते या अलग होते वक्त झटका नहीं लगता और ना ही आवाज आती है। इसमें लगा डिफॉर्मेशन ट्यूब किसी टक्कर की स्थिति में झटका कम कर देता है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा बढ़ती है। लोकोमोटिव के साथ यह रेक न केवल स्थिरता प्रदान करता है, बल्कि उच्चतम गति एवं बेहतर संचालन की क्षमता भी सुनिश्चित करता है। यह ट्रेन एक एलएचबी पुश-पुल ट्रेन है। बेहतर गति के लिए इसके दोनों सिरों पर इंजन लगे होते हैं, जिससे ऊर्जा की खपत कम होती है। ट्रेन तेजी से गति पकड़ सकती है और ब्रेक लगा सकती है।

ये खबर भी पढ़ें : ससुराल में स्टाइल के साथ ट्रेडिशन – बस एक बनारसी साड़ी में

अधिकतम 130 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड इसे रफ्तार का महारथी भी बनाती है। इसके कोच में फोल्डेबल स्नैक्स टेबल, मोबाइल होल्डर, फोल्डेबल बॉटल होल्डर जैसी सुविधाएँ हैं। साथ ही, रेडियम इल्यूमिनेटेड फ्लोरिंग स्ट्रिप, एयर स्प्रिंग बोगी जैसी सुविधा यात्रा को और भी आरामदायक बनाती है। प्रत्येक शौचालय में इलेक्ट्रो-न्यूमेटिक फ्लशिंग प्रणाली, ऑटोमेटिक सोप डिस्पेंसर और एरोसोल-आधारित फायर सप्रेशन सिस्टम जैसी सुविधाएँ दी गई हैं, जो स्वच्छता व सुरक्षा को प्राथमिकता देती हैं। हर यात्री के लिए फास्ट मोबाइल चार्जिंग पोर्ट, पेन्ट्री कार और बेहतर और आरामदायक सीट की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त दिव्यांगजनों के लिए विशेष शौचालय भी प्रदान किए गए हैं, ताकि सभी यात्रियों को समान सुविधा मिल सके।

ये खबर भी पढ़ें : Redmi का धमाका  कम कीमत में  –  स्टाइल भी और स्मार्ट भी

Join Us
Back to top button
12 हजार से भी कम, 8GB रैम और 5G सपोर्ट के साथ 25,000 में ट्रेन से 7 ज्योतिर्लिंग यात्रा, जानें पूरा पैकेज और किराया IRCTC Bharat Gaurav चलेगी 10 पैसे प्रति किलोमीटर e-Luna Prime,सस्ती इलेक्ट्रिक बाइक iPhone से Pixel तक स्मार्टफोन पर बेस्ट डील्स, आज आखिरी मौका