
नई दिल्ली । भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के 13 अगस्त को सभी एक्सेस प्रदाताओं को जारी कड़े निर्देश के परिणामस्वरूप 50 से अधिक संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट करने के साथ ही 2.75 लाख से अधिक एसआईपी डीआईडी/मोबाइल नंबर/दूरसंचार संसाधनों को डिस्कनेक्ट कर दिया गया है।
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दूरसंचार विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार वर्ष 2024 की पहली छमाही (जनवरी से जून) में अपंजीकृत टेलीमार्केटर्स (यूटीएम) के खिलाफ 7.9 लाख से अधिक शिकायतें दर्ज की गईं हैं। यह दर्शाता है कि स्पैम कॉल में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
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इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए ट्राई ने 13 अगस्त को सभी एक्सेस प्रदाताओं को कड़े निर्देश जारी किए थे। इसने एक्सेस प्रदाताओं को एसआईपी, पीआरआई या अन्य दूरसंचार संसाधनों का उपयोग करने वाले अपंजीकृत प्रेषकों या टेलीमार्केटर्स से प्रमोशनल वॉयस कॉल को तुरंत रोकने का आदेश दिया था।
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इन निर्देशों के परिणामस्वरूप, एक्सेस प्रदाताओं ने स्पैमिंग के लिए दूरसंचार संसाधनों के दुरुपयोग के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं। ट्राई का कहना है कि इन कदमों से स्पैम कॉल को कम करने और उपभोक्ताओं को राहत देने में महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।
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