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मध्यप्रदेश

कलेक्टरों की ट्रांसफर लिस्ट तैयार! 2017 बैच को मिलेगा मौका, जल्द जारी हो सकता है बड़ा फेरबदल

भोपाल: मध्य प्रदेश में होली के तुरंत बाद बड़े प्रशासनिक फेरबदल की तैयारी जोरों पर है। सरकार कलेक्टरों और सीनियर आईएएस अधिकारियों की तबादला सूची पर तेजी से काम कर रही है। सूत्रों के मुताबिक यह सूची होली के बाद कभी भी जारी हो सकती है। इसे इस बार का बड़ा प्रशासनिक “रीशफल” माना जा रहा है, क्योंकि सूची में केवल कलेक्टर ही नहीं बल्कि कई वरिष्ठ आईएएस अफसर भी शामिल हो सकते हैं। खास बात यह कि 2017 के बैच को मौका मिल सकता है।

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कई जिलों में बदल सकते हैं कलेक्टर

सूत्रों के अनुसार भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह का नाम संभावित सूची में शामिल है। वे 2010 बैच के आईएएस हैं और अब सचिव रैंक पर पहुंच चुके हैं। इसके अलावा जिन जिलों के कलेक्टरों के नाम चर्चा में हैं, उनमें धार के प्रियांक मिश्रा, रीवा की प्रतिभा पाल, सागर के संदीप जीआर, होशंगाबाद की सोनिया मीणा, शाजापुर के ऋजु बाफना, नीमच के हिमांशु चंद्रा, बैतूल के नरेंद्र सूर्यवंशी और सीधी के स्वरोचिष सोमवंशी शामिल बताए जा रहे हैं।

शहडोल संभाग से जुड़े कुछ अन्य जिलों में भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है। पिछली सूची में 11 अफसरों के तबादले हुए थे, लेकिन कुछ नाम तब भी चर्चा में थे जो अब इस नई सूची में शामिल हो सकते हैं।

सीनियर IAS अफसरों के भी बदल सकते हैं विभाग

तबादला सूची में वरिष्ठ स्तर पर भी हलचल देखने को मिल सकती है। व्यावसायिक कर विभाग के प्रमुख सचिव अमित राठौर के ट्रांसफर की चर्चा है। भोपाल आयुक्त संजीव सिंह और शहडोल आयुक्त सुरभि गुप्ता के नाम भी संभावित फेरबदल में सामने आए हैं। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग आयुक्त श्रीकांत बनोत और बजट निदेशक राजीव रंजन मीना के विभाग बदलने की संभावना भी जताई जा रही है। इन अधिकारियों की नई जिम्मेदारियों को लेकर शासन स्तर पर मंथन जारी है।

पिछली सूची क्यों टली और अब क्या बदला?

सरकार पहले ही कलेक्टरों की बड़ी सूची जारी करना चाहती थी, लेकिन SIR और विधानसभा सत्र के कारण इसे टाल दिया गया। उस दौरान सरकार ने किसी बड़े प्रशासनिक बदलाव से परहेज किया। अब जब ये वजहें खत्म हो चुकी हैं, तो फाइलों पर दोबारा तेजी से काम शुरू हो गया है।

जनगणना से पहले स्थिर टीम की तैयारी

राज्य में जल्द ही जनगणना का कार्य शुरू होना है, जो एक बड़ा और संवेदनशील प्रशासनिक अभियान माना जाता है। सरकार चाहती है कि जनगणना शुरू होने से पहले जिलों में स्थिर और प्रभावी प्रशासनिक टीम बैठ जाए। यही वजह है कि कलेक्टरों और वरिष्ठ अधिकारियों की पोस्टिंग को प्राथमिकता दी जा रही है।

कलेक्टर जिला प्रशासन का चेहरा होते हैं। कानून व्यवस्था, विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और बड़े अभियानों की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर होती है। नई पोस्टिंग के जरिए सरकार यह संदेश भी देना चाहती है कि प्रदर्शन के आधार पर जिम्मेदारी तय होगी। इसे 2026 के लिए प्रशासनिक ‘रीसेट’ की तरह देखा जा रहा है।

2017 बैच के आईएएस को मिलेगा मौका

इस बार की सूची में 2017 बैच के डायरेक्ट आईएएस अफसरों को कलेक्टर बनने का अवसर मिलने की संभावना है। अब तक 2016 बैच के डायरेक्ट आईएएस कलेक्टर बन चुके हैं। वहीं प्रमोटी आईएएस में 2016 बैच के अधिकारियों को भी कलेक्टर बनने का मौका मिल सकता है।

अंतिम मुहर के बाद कभी भी जारी हो सकती है सूची

सूत्रों के अनुसार होली के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव और मुख्य सचिव अनुराग जैन तबादला सूची पर अंतिम चर्चा कर मुहर लगा सकते हैं। राज्य मुख्यालय से लेकर जिलों तक अफसरों के बीच अगली पोस्टिंग को लेकर चर्चाएं तेज हो चुकी हैं। हर अधिकारी अपनी नई जिम्मेदारी को लेकर कयास लगा रहा है।

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