पाकरगांव बिजली हादसे में दो श्रमिकों की मौत, CM साय ने परिजनों को 4-4 लाख रुपये सहायता देने की घोषणा

जशपुर : जिले के पत्थलगांव क्षेत्र के पाकरगांव में बिजली पोल शिफ्टिंग के दौरान हुए हादसे में दो श्रमिकों की मौत हो गई। घटना पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिवारों को राज्य सरकार के नियमानुसार 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। दोनों परिवारों को कुल 8 लाख रुपये की सहायता मिलेगी।
मुख्यमंत्री साय ने घटना पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि पाकरगांव में बिजली पोल शिफ्टिंग के दौरान दो श्रमिकों के निधन का समाचार बेहद दुखद है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन समय में राज्य सरकार उनके साथ खड़ी है।
करंट की चपेट में आए श्रमिक
जानकारी के अनुसार, पाकरगांव में बिजली पोल शिफ्टिंग का काम चल रहा था। इसी दौरान बिजली का खंभा तार के संपर्क में आ गया और वहां काम कर रहे मजदूर करंट की चपेट में आ गए। हादसे में दो श्रमिकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हुए।
मृतकों की पहचान ग्राम भेड़ीमुड़ा निवासी अलेख एक्का और गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर क्षेत्र के ग्राम बाम्हनडीह निवासी टोमन ध्रुव के रूप में हुई है। घायल श्रमिकों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
परमिट और बिजली बंद करने की प्रक्रिया पर जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद प्रशासन और बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। हादसे के बाद बिजली पोल शिफ्टिंग के लिए जारी परमिट और कार्य शुरू करने से पहले बिजली आपूर्ति बंद करने की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठे हैं।
पत्थलगांव प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच कराने की तैयारी की है। जांच में यह देखा जाएगा कि पोल शिफ्टिंग के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। साथ ही बिजली लाइन बंद करने की निर्धारित प्रक्रिया और कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच होगी।
ठेका श्रमिकों की सुरक्षा पर भी उठे सवाल
हादसे के बाद बिजली विभाग के कार्यों में लगे ठेका श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था भी चर्चा में है। कार्य के दौरान पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध थे या नहीं और बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद होने की पुष्टि के बाद ही काम शुरू किया गया था या नहीं, इन पहलुओं को भी जांच में शामिल किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री की सहायता घोषणा के बाद संबंधित प्रशासनिक स्तर पर दोनों मृत श्रमिकों के परिजनों को नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने दिवंगत श्रमिकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोकाकुल परिवारों को इस दुख की घड़ी में शक्ति प्रदान करने की कामना की।

