
RTE नियमों की अवहेलना पड़ेगी भारी: 58 निजी स्कूलों को नोटिस, मान्यता रद्द होने का खतरा
बिलासपुर। बिलासपुर जिले के जिला शिक्षा अधिकारी ने जिले के 58 प्राइवेट स्कूलों को नोटिस जारी कर शिक्षा के अधिकार कानून के निर्देशों का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जारी नोटिस में डीईओ ने साफ कहा है, पूर्व में दिए गए निर्देशों और गरीब बच्चों के एडमिशन के दिए गए नामों के बाद भी एडमिशन नहीं दिया गया है। यह सीधेतौर पर केंद्र व राज्य सरकार के दिशा निर्देशों की अवहेलना है। अवहेलना और घोर उपेक्षा के चलते क्यों ना स्कूल की मान्यता समाप्त कर दी जाए।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!डीईओ ने प्राइवेट स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी करने के साथ ही ऐसे स्कूलों की सूची भी जारी कर दी है, जिन्होंने गरीब बच्चों केा आरटीई के तहत प्रवेश नहीं दिया है।
जिला शिक्षा अधिकारी ने प्राइवेट स्कूल प्रबंधन को जारी नोटिस में लिखा है, अधिनियम 2009 अंतर्गत सत्र 2026-27 की प्रथम चरण की लाटरी में चयनित विद्यार्थियों के प्रवेश की उपरोक्त संदर्भित विषयांतर्गत लेख है कि निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार कार्यवाही हेतु समस्त शालाओं को निर्देश जारी कर प्रवेश संबंधी कार्य को लाटरी में चयनित विद्यार्थियों की प्रवेश संबंधी कार्यवाही अपूर्ण है। उक्त कार्य आज दिनांक की स्थिति में भी प्रथम चरण की बरती जा लापरवाही को प्रदर्शित करता है।
डीईओने निर्देशित किया है, पूरी जानकारी अनिवार्यरूप से उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित करें। आगे लिखा है, अतः आपको निर्देशित किया जाता है कि इस संबंध में आप अपना कारण बताए , आपके विरूद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक एवं शाला की मान्यता समाप्त करने संबंधी कार्यवाही किया जावेगा। जिसके लिए संस्था प्रमुख स्वयं जिम्मेदार होंगे।

