
Sanjay Leela Bhansali की Black की रिलीज को पूरे हुए 21 साल …
फिल्ममेकर संजय लीला भंसाली (Sanjay Leela Bhansali) ने अपने करियर में कई ऐतिहासिक फिल्में दी हैं. इन्हीं में से एक 4 फरवरी 2005 में आई फिल्म ब्लैक (Black) है. इस फिल्म ने उनके करियर में एक बड़ा मोड़ लाया था. ये फिल्म भारतीय सिनेमा की सबसे प्रभावशाली और अलग सोच वाली फिल्मों में गिनी जाती है.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बता दें कि एक्टर अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) और एक्ट्रेस रानी मुखर्जी (Rani Mukerji) ने काफी यादगार भूमिकाएं निभाया है. आज फिल्म ब्लैक (Black) की रिलीज के 21 साल पूरे हो गए हैं, आइए जानते हैं इस फिल्म से जुड़े कुछ कम-ज्ञात और खास तथ्य, जो इसे आज भी एक क्लासिक बनाते हैं.
हेलेन केलर की ज़िंदगी से प्रेरित – यह फिल्म मशहूर नेत्रहीन-बधिर सामाजिक कार्यकर्ता हेलेन केलर और उनकी शिक्षिका ऐन सुलिवन के जीवन से प्रेरित है, जिसे भारतीय संदर्भ में दिखाया गया.
दिग्गज कलाकारों की यादगार जोड़ी – भंसाली ने अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) और रानी मुखर्जी (Rani Mukerji) को उनकी सबसे सराही गई भूमिकाओं में एक साथ पेश किया, जिसकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री आज भी बेमिसाल मानी जाती है.
रानी मुखर्जी ने सीखी साइन लैंग्वेज – रानी मुखर्जी (Rani Mukerji) ने एक नेत्रहीन-बधिर किरदार को सच्चाई से निभाने के लिए साइन लैंग्वेज सीखी और कड़ी ट्रेनिंग ली, जो उनके लिए शारीरिक और मानसिक रूप से काफी थकाने वाला अनुभव था.
बिना पारंपरिक गानों के फिल्म – ब्लैक उन शुरुआती मुख्यधारा की हिंदी फिल्मों में से थी, जिसमें पारंपरिक गाने-नाच नहीं थे. इसकी जगह बैकग्राउंड म्यूज़िक को भावनाओं का सहारा बनाया गया.
फिल्मफेयर में ऐतिहासिक जीत – 51वें फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में ब्लैक ने इतिहास रचते हुए जिन 11 श्रेणियों में नामांकन मिला, उन सभी में पुरस्कार जीते.
नेशनल अवॉर्ड की उपलब्धि – 53वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में ब्लैक को तीन बड़े सम्मान मिले, जिनमें सर्वश्रेष्ठ हिंदी फीचर फिल्म और अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार शामिल है.
तुर्की में बना रीमेक – फिल्म की सार्वभौमिक कहानी के कारण 2013 में इसका तुर्की रीमेक Benim Dünyam बनाया गया, जिससे साबित हुआ कि ब्लैक ने सांस्कृतिक और भौगोलिक सीमाओं को पार किया.

