
फ्रंट लोड या टॉप लोड? कौन सा वॉशिंग मशीन खाता है ज्यादा बिजली?
घर में इस्तेमाल होने वाली वॉशिंग मशीन भी बड़ी मात्रा में बिजली की खपत करता है। इन दिनों मार्केट में सेमी और फुली ऑटोमैटिक के साथ-साथ फ्रंट लोड और टॉप लोड डिजाइन वाले वॉशिंग मशीन मिलते हैं। सेमी ऑटोमैटिक के मुकाबले ऑटोमैटिक वाले वॉशिंग मशीन लोगों के बीच लोकप्रिय हैं। इनमें एक बार कपड़े डाल देने के बाद दोबारा हाथ भी नहीं लगाना पड़ता है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!ये मशीन अपने आप पानी लेकर कपड़े की सफाई करते हैं और फिर बाद में सुखा भी देते हैं। फ्रंट लोड वॉशिंग मशीन में सामने से कपड़े डाले जाते हैं, जबकि टॉप लोड में ऊपर की तरफ से कपड़े डाले जाते हैं। इन दोनों वॉशिंग मशीन में कौन सा ज्यादा बिजली और पानी की खपत करता है, आइए जानते हैं…
फ्रंट लोड वॉशिंग मशीन
मार्केट में मिलने वाले ज्यादातर फ्रंट लोड वॉशिंग मशीन इनवर्टर और डायरेक्ट ड्राइव यानी DD तकनीक पर काम करते हैं। इसकी वजह से ये मशीन कम बिजली की खपत करते हैं। साथ ही, इनमें पानी भी ज्यादा यूज नहीं होता है। एक्सपर्ट्स की मानें तो यह ट्रेडिशनल टॉप लोड वॉशिंग मशीन के मुकाबले 40 से 50 प्रतिशत तक कम पानी की खपत करता है।
इसमें BLDC मोटर का इस्तेमाल होता है, जो DC यानी डायरेक्ट करेंट पर चलता है। यह मोटर तेजी से स्पिन होता है और कपड़े को जल्दी साफ कर देता है। साथ ही, इसमें कपड़े जल्दी सूख भी जाते हैं। तेजी से काम होने की वजह से यह कम पानी और बिजली यूज करता है।
टॉप लोड वॉशिंग मशीन
टॉप लोड वॉशिंग मशीन में AC यानी अल्टर्नेट करेंट वाला मोटर यूज होता है, जो BLDC टेक्नोलॉजी के मुकाबले ज्यादा बिजली खपत कता है। साथ ही, इसमें ड्रम को पूरा पानी से भरना होता है, जिसकी वजह से यह पानी भी ज्यादा मात्रा में खींचता है। ज्यादा पानी होने की वजह से इसका टब भारी हो जाता है, जिसे चलाने के लिए ज्यादा पावरफुल मोटर की जरूरत होती है। इसमें ड्रम के बीच में एजिटेटर लगा होता है, जो तेजी से घूमते समय कभी-कभी कपड़ों को भी उलझा देता है।
कौन सा वॉशिंग मशीन खरीदें?
अगर, आपका बजट कम है, तो आंख मूंदकर टॉप लोड वॉशिंग मशीन खरीदना चाहिए। यह फ्रंट लोड वॉशिंग मशीन के मुकाबले 30% तक सस्ता होता है। हालांकि, अगर आपका बजट ज्यादा है तो आप फ्रंट लोड वॉशिंग मशीन खरीद सकते हैं। इसमें आपको टॉप लोड के मुकाबले हर महीने 5 से 10 यूनिट्स तक बिजली की बचत हो सकती है।

