देश-विदेश

भारत में क्रेडिट कार्ड के बढ़ते इस्तेमाल की मुख्य वजहों के बारे में जानें…

– एसबीआई कार्ड के आँकड़ों से पता चलता है कि ऑनलाइन पेमेंट और UPI से होने वाले लेन-देन में काफी तेजी आई है
– एक से ज्यादा कार्ड के उपयोग और ईएमआई की आसान सुविधाओं के चलते लोगों के बीच बेहतर लाइफस्टाइल के साथ-साथ बड़ी खरीदारी को प्रोत्साहन मिल रहा है

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नई दिल्ली: भारत में खरीदारी का तौर-तरीका तेजी से बदल रहा है, और लोगों की खर्च करने की आदतें अब ज्यादा बड़े अरमानों वाली लाइफस्टाइल, लेनदेन में डिजिटल साधनों को प्राथमिकता और भुगतान के आसान विकल्पों के बढ़ते चलन को दिखाती हैं। बीते दस सालों में, लोगों की बढ़ती आमदनी, बढ़ते शहरीकरण और तेज़ी से आगे बढ़ने की चाह रखने वाले मध्यम वर्ग ने इस बात को नया रूप दिया है कि, लोग कहाँ और कैसे पैसा खर्च करते हैं। इस वक्त लगभग 11.86 करोड़ क्रेडिट कार्ड उपयोग में हैं तथा वित्त-वर्ष 2026 के दौरान क्रेडिट कार्ड से ₹23.62 लाख करोड़ से ज़्यादा का खर्च किया गया, जिससे जाहिर है कि यह पूरा इकोसिस्टम अब विस्तार के दौर से निकलकर रोज़मर्रा के उपयोग के दौर में कदम रख चुका है।

भारत में क्रेडिट कार्ड जारी करने वाली सबसे बड़ी कंपनी, एसबीआई कार्ड के आँकड़ों से पता चलता है कि क्रेडिट कार्ड के ग्राहक अब अपनी ज़रूरत की चीज़ों के साथ-साथ बेहतर अनुभव और लाइफस्टाइल पर भी दिल खोलकर खर्च कर रहे हैं, साथ ही डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी ज़्यादा से ज़्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं।

भारत में लगातार विकसित हो रहे क्रेडिट कार्ड इकोसिस्टम के बारे में बात करते हुए, एसबीआई कार्ड की एमडी एवं सीईओ, सुश्री सलिला पांडे ने कहा, “लोगों की बढ़ती आय और बड़ी उम्मीदों, बेहतर हो रही नीतियों, डिजिटलीकरण और लगातार मजबूत हो रहे पेमेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर की वजह से क्रेडिट कार्ड से लेनदेन ट्रांज़ैक्शन के स्वरूप में काफी बदलाव आया है। लोग अब अपनी पसंद के अनुभवों, लाइफस्टाइल से जुड़ी खरीदारी और रोज़मर्रा के आसान लेन-देन को ज्यादा पसंद करने लगे हैं, जो उनके बढ़ते आत्मविश्वास और बदलती सोच को दर्शाता है। एसबीआई कार्ड में, हम इन बदलती ज़रूरतों को पूरा करने के लिए बेहतरीन साझेदारियों और इनोवेशन के ज़रिए अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को और मज़बूत करने पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं, साथ ही हम भारत के तेज़ी से बढ़ते डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में भी अपना योगदान दे रहे हैं।”

ग्राहकों की बदलती पसंद
बढ़ती आमदनी और बेहतर जागरूकता के चलते, भारतीय ग्राहक अब अपनी इच्छाओं को पूरा करने और नए-नए अनुभव हासिल करने पर ज़्यादा से ज़्यादा खर्च कर रहे हैं, जो यह दिखाता है कि ग्राहक अब अपनी मर्ज़ी से खर्च करने की क्षमता की ओर बढ़ रहे हैं। एसबीआई कार्ड के वित्त-वर्ष 2026 के आँकड़े दर्शाते हैं कि रिटेल खर्च 15% की सालाना बढ़त के साथ ₹3.54 लाख करोड़ से अधिक के अब तक के सबसे ऊँचे स्तर पर पहुँच गया है। कुल रिटेल खर्च में ऑनलाइन खर्च का हिस्सा लगभग 62.5% रहा, जो दर्शाता है कि लोग अब ज़रूरी और गैर-ज़रूरी, दोनों तरह की चीज़ों पर खर्च करने के मामले में डिजिटल तरीकों से भुगतान को ज़्यादा पसंद कर रहे हैं।

ग्राहकों की जरूरत को ध्यान में रखकर तैयार की गई सेवाओं, बिना किसी रुकावट के मिलने वाला डिजिटल अनुभव और सेल्फ़-सर्विस प्लेटफ़ॉर्म, अब ग्राहकों के साथ जुड़ाव और उनकी सुविधा को बढ़ाने के लिए बहुत ज़रूरी होते जा रहे हैं। एसबीआई कार्ड के अनुसार, अब लाखों ग्राहक अक्सर अपनी अलग-अलग ज़रूरतों के लिए एसबीआई कार्ड के अलग-अलग डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म, जैसे कि एसबीआई कार्ड मोबाइल ऐप, लाइव चैट वाला आस्क इला चैटबॉट, तथा व्हाट्सएप सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं। इन ज़रूरतों में नया कार्ड बनवाने से लेकर अपने सवालों के जवाब पाने तक सब कुछ शामिल है। ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने पर खास ध्यान देने के कारण, आज एसबीआई कार्ड के मोबाइल ऐप को गूगल प्ले स्टोर पर 4.6 और ऐप स्टोर पर 4.5 की शानदार रेटिंग प्राप्त है।

क्रेडिट कार्ड को यूपीआई से जोड़ने की सुविधा के चलते दैनिक इस्तेमाल में तेज़ी आई है
भारत में डिजिटल भुगतान का दायरा बहुत तेजी से बढ़ा है, जिसमें यूपीआई अब रोज़मर्रा के लेन-देन का सबसे मुख्य आधार बन चुका है। यूपीआई से जुड़े क्रेडिट कार्ड के बढ़ते इस्तेमाल से इस व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव आया है, जो हमारे रोज़मर्रा के लेन-देन में इसकी भूमिका को और बढ़ा रहा है। एसबीआई कार्ड के वित्त-वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के आँकड़ों के अनुसार, यूपीआई से जुड़े क्रेडिट कार्ड से होने वाले खर्च में पिछली तिमाही के मुकाबले 10% से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। इसमें डिपार्टमेंटल स्टोर और किराना दुकानों, उपयोगी सेवाओं, ईंधन, कपड़े और रेस्टोरेंट जैसी श्रेणियों में सबसे ज्यादा खर्च हुआ, जिससे जाहिर है कि ग्राहक अब इस तरीके को ज्यादा भरोसेमंद और सुविधाजनक मान रहे हैं।

क्रेडिट कार्ड अपनाने का चलन अब टियर 2 और उससे छोटे शहरों में तेजी से बढ़ रहा है
लोगों की लगातार बढ़ती आय, बेहतर होती डिजिटल जागरूकता और धीरे-धीरे बढ़ रहे पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ, अब लोग बड़े शहरों से बाहर छोटे शहरों और कस्बे भी क्रेडिट कार्ड्स को तेजी से अपना रहे हैं। रुपे क्रेड‍िट कार्ड को यूपीआई से जोड़ने की सुविधा की वजह से इस प्रवृत्ति में और तेजी आई है, जिससे छोटे शहरों के ग्राहक अब अपनी रोज़मर्रा की ज़रूरतों और छोटी-मोटी खरीदारी के लिए भी बिना किसी रुकावट के क्रेडिट का इस्तेमाल कर रहे हैं।

एसबीआई कार्ड के आँकड़े दर्शाते हैं कि, क्रेडिट कार्ड को यूपीआई से जोड़कर इस्तेमाल करने वाले करीब 77% ग्राहक और क्रेडिट कार्ड से जुड़े यूपीआई के जरिए किए जाने वाले खर्च का करीब 81% हिस्सा टियर 2 और टियर 3 शहरों से आता है। इससे जाहिर है कि उभरते बाजारों में लोग डिजिटल क्रेडिट को बड़े पैमाने पर अपना रहे हैं, और क्रेडिट कार्ड वित्तीय सेवाओं को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

एक से ज्यादा कार्ड के इस्तेमाल के प्रति बढ़ती दिलचस्पी
ग्राहक अब अपनी अलग-अलग ज़रूरतों के लिए अलग-अलग क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करना पसंद कर रहे हैं, जिसमें ट्रैवल के लिए एसबीआई कार्ड माइल्स, वेलनेस के लिए एसबीआई कार्ड पल्स, ईंधन के लिए बीपीसीएल एसबीआई कार्ड, लाइफ़स्टाइल से जुड़े खर्चों के लिए फ्लिपकार्ट एसबीआई कार्ड, डिजिटल लेन-देन के लिए फोनपे, इत्यादि शामिल हैं।

डिजिटल सुविधाओं की समझ रखने वाले ग्राहकों के बीच ऐसे क्रेडिट कार्ड का बढ़ता इस्तेमाल यह दिखाता है कि लोग अब अलग-अलग श्रेणी में मिलने वाले फायदों, अपनी पसंद के रिवॉर्ड्स और पूरे इकोसिस्टम से मिलने वाले ढेरों फायदों को ज्यादा अहमियत दे रहे हैं। यह चलन साफ तौर पर दिखाता है कि अब ग्राहकों की पसंद लगातार बदल रही है, और वे खरीदारी, घूमने-फिरने, लाइफस्टाइल तथा दैनिक खर्चों में कार्ड का उपयोग अपनी पसंद के अनुभवों को बेहतर बनाने के लिए कर रहे हैं।

ईएमआई की वजह से क्रेडिट कार्ड का उपयोग लगातार बढ़ रहा है
एसबीआई कार्ड के वित्त-वर्ष 2026 के आँकड़ों के अनुसार, ईएमआई के जरिए होने वाले खर्च में सालाना आधार पर दोहरे अंकों की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ग्राहक अब तेजी से ईएमआई-आधारित लेन-देन का विकल्प चुन रहे हैं, क्योंकि यह गैजेट्स और घरेलू उपयोग की चीजों आदि की खरीदारी को बेहद किफायती और आसान बना देता है। ज़्यादा कीमत वाली चीज़ों के लिए होने वाले खर्च को किस्तों में बांटने का चलन अब बड़े महानगरों से निकलकर टियर 2 और उससे छोटे शहरों में भी फैल रहा है, जो क्रेडिट की बढ़ती पैठ और खर्च करने के तरीकों में बदलाव को दिखाता है।

ग्राहकों की इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए, एसबीआई कार्ड जैसी कंपनियाँ लगातार बड़े-बड़े ब्रांडों के साथ साझेदारी करने पर विशेष ध्यान दे रही हैं, ताकि स्मार्टफोन, घरेलू उपकरण, गैजेट्स, फर्नीचर एवं सजावट तथा अन्य कई श्रेणियों में शानदार ऑफर्स के साथ-साथ भुगतान के सुविधाजनक विकल्पों की पेशकश की जा सके।

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