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CJP Protest: कनॉट प्लेस बवाल पर बड़ा एक्शन, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज हुए 4 केस, इन धाराओं में कार्रवाई

CJP Protest: दिल्ली में जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सोमवार को कनॉट प्लेस इलाके में हुए बवाल के मामले में दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है. पुलिस के अनुसार प्रदर्शन के दौरान कुछ उपद्रवियों ने कनॉट प्लेस के आउटर सर्कल स्थित रीगल सिनेमा के पास पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की और पुलिसकर्मियों पर पथराव किया. घटना के बाद कनॉट प्लेस थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. वहीं मंगलवार सुबह भी जंतर-मंतर पर छात्रों और प्रदर्शनकारियों का जमावड़ा शुरू हो गया. दूसरी ओर प्रदर्शनकारी संगठन CJP ने पुलिस पर बल प्रयोग और मारपीट के गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि दिल्ली पुलिस ने कई दावों को भ्रामक और तथ्यहीन बताया है.

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कनॉट प्लेस में उपद्रव के बाद दर्ज हुई FIR

दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. पुलिस के मुताबिक सोमवार को कनॉट प्लेस के आउटर सर्कल में रीगल सिनेमा के पास प्रदर्शन के दौरान हिंसक घटनाएं हुईं. आरोप है कि कुछ लोगों ने पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में जुटे पुलिसकर्मियों पर पथराव किया. घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और उपद्रवियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज तथा वीडियो रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही हैं.

अब तक 4 FIR दिल्ली पुलिस ने दर्ज की, 2 और FIR दर्ज होने की प्रकिया शुरू

एक FIR बिना परमिशन के संसद सत्र के दौरान नई दिल्ली जिला इलाके में ड्रोन उड़ाने को लेकर दर्ज की गई. वहीं दूसरी FIR हिंसा को लेकर रची गई साज़िश को लेकर दर्ज की गई है जिसमें पुलिस की तफ्तीश में कई महत्वपूर्ण सबूत हाथ लगे हैं. दो FIR सरकारी काम मे बाधा डालने पुलिस कर्मियों के साथ मारपीट करने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में दर्ज की गई है. इसके अलावा दिल्ली पुलिस 2 और FIR दर्ज कर रही है.

संसद मार्ग थाने में दर्ज केस की धाराएं

यह मुकदमा भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita – BNS), 2023, आर्म्स एक्ट, 1959 तथा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से संरक्षण अधिनियम (Prevention of Damage to Public Property Act – PDPP Act) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया है.

  • धारा 223(बी) BNS – लोक सेवक द्वारा विधिसम्मत आदेश की अवज्ञा या सरकारी कार्य में बाधा से संबंधित प्रावधान
  • धारा 221 BNS – लोक सेवक के कार्य में बाधा डालना या उसे प्रभावित करना
  • धारा 132 BNS – लोक सेवक पर हमला करना या बल का प्रयोग करना
  • धारा 121(1) BNS – गैरकानूनी जमावड़े या हिंसक भीड़ से संबंधित अपराध
  • धारा 189(3), 190, 191(2), 191(3), 192 BNS – दंगा, गैरकानूनी जमावड़ा, हिंसा
  • धारा 324(5) BNS – सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने या गंभीर नुकसान पहुंचाने से संबंधित प्रावधान
  • धारा 109(1) BNS – हत्या के प्रयास या गंभीर हिंसक कृत्य से संबंधित प्रावधान (यदि परिस्थितियाँ लागू हों)
  • धारा 125 BNS – मानव जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाले कृत्य
  • धारा 3(5) BNS – समान उद्देश्य या साझा मंशा के तहत सामूहिक रूप से अपराध करना
  • धारा 61(2) BNS – आपराधिक साजिश (Criminal Conspiracy) से संबंधित प्रावधान
  • आर्म्स एक्ट, 1959 की धारा 25(1AB)
  • पीडीपीपी एक्ट (Prevention of Damage to Public Property Act) की धारा 3  सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, तोड़फोड़ करने या क्षति पहुंचाने का अपराध

इस एफआईआर में आरोप है कि आरोपितों ने गैरकानूनी तरीके से एकत्र होकर सार्वजनिक व्यवस्था भंग की, सरकारी कार्य में बाधा डाली, हिंसक गतिविधियों में शामिल हुए और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया. इन सभी आरोपों की जांच थाना पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस द्वारा भारतीय न्याय संहिता, आर्म्स एक्ट और पीडीपीपी एक्ट के प्रावधानों के अनुसार की जा रही है.

जंतर-मंतर पर फिर जुटने लगे छात्र

मंगलवार सुबह जंतर-मंतर पर एक बार फिर छात्रों और प्रदर्शनकारियों की मौजूदगी देखने को मिली. प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं. मौके पर पुलिस बल भी तैनात है और हालात पर नजर रखी जा रही है ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो.

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CJP ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रंका ने सोमवार को हुए विरोध मार्च के बाद पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान केवल पुलिस ने बल प्रयोग किया और युवाओं के साथ मारपीट की गई. रंका का दावा है कि कई प्रदर्शनकारियों को चोटें आईं और कुछ लोगों को गंभीर रूप से घायल किया गया. उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती.

दिल्ली पुलिस ने बताया भ्रामक जानकारी

दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ दावों को गलत बताया है. पुलिस के अनुसार कुछ पोस्ट में एक लड़की के साथ कथित मारपीट, बाल खींचने और बड़ी संख्या में लोगों के गंभीर रूप से घायल होने के दावे किए गए हैं, लेकिन पुलिस का कहना है कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर ऐसे दावे सही नहीं पाए गए हैं. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपुष्ट और भ्रामक जानकारी साझा करने से बचें.

News Desk

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