No Toll Barrier Rules 2027: इस तारीख से हाईवे होंगे टोल बैरियर-फ्री, चलते-फिरते होगा ओवरलोड गाड़ियों का वजन

No Toll Barrier Rules 2027: देश के राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highways) पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए बड़ी राहत की खबर है. दरअसल, केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने साफ किया है कि केंद्र सरकार देश भर के सभी टोल प्लाजा को बैरियर-फ्री बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है. मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य मार्च 2027 तक टोल प्लाजा पर लगने वाली गाड़ियों की लाइन और वेटिंग टाइम को पूरी तरह खत्म करना है, जिससे वाहनों को टोल चुकाने के लिए रुकना न पड़े. इस मौके पर नितिन गडकरी ने फास्टैग को एक सक्सेस स्टोरी बताते हुए कहा कि शुरुआत में उपयोगकर्ताओं को कुछ समस्याएं जरूर हुईं, लेकिन जनता के फीडबैक के आधार पर इसे लगातार बेहतर बनाया गया है.
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बिना रुके कटेगा टोल
- हाइब्रिड टेक्नोलॉजी: नया बैरियर-फ्री सिस्टम FASTag और ऑटोमेटिक नंबर-प्लेट रिकग्निशन कैमरों के साथ मिलकर काम करेगा.
- सड़कों पर नहीं रुकेंगी गाड़ियां: हाई-स्पीड कैमरों की मदद से वाहन के गुजरते ही नंबर प्लेट और फास्टैग से अपने-आप टोल की कटौती हो जाएगी.
- समय सीमा: अगले साल फरवरी-मार्च तक इस तकनीक को प्रमुख टोल प्लाजा पर लागू करने की योजना है, जिससे टोल बूथों के बैरियर हटा दिए जाएंगे.
ओवरलोडिंग वाहनों के लिए लागू होगी वे-इन-मोशन तकनीक
सड़कों की समय से पहले खराबी और दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बनने वाली कमर्शियल ट्रकों की ओवरलोडिंग को रोकने के लिए सरकार सख्त कदम उठाने जा रही है. इसके तहत सरकार एक ऐसी तकनीक तैयार कर रही है, जिससे सड़क पर चलते ही ट्रक के वास्तविक वजन का तुरंत पता चल जाएगा. इस रियल-टाइम ऑटोमैटिक वेट-चेकिंग सिस्टम को चालान और अनुपालन तंत्र से सीधे जोड़ा जाएगा, जिससे वजन में धांधली और टोल चोरी पर पूरी तरह रोक लगेगी.
ईंधन की बचत और लॉजिस्टिक्स लागत में कमी
टोल प्लाजा पर गाड़ियों के रुकने के दौरान इंजन चालू रहने से होने वाले ईंधन के नुकसान पर चिंता जताते हुए गडकरी ने कहा कि टोल प्लाजा पर गाड़ियों का वेटिंग टाइम 10 सेकंड से ज्यादा नहीं होना चाहिए. यही इस सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है. ऐसे में टोल पार करने में लगने वाले समय को शून्य के करीब लाने से भारी मात्रा में ईंधन की बचत होगी और लॉजिस्टिक्स दक्षता में भी सुधार आएगा. मुंबई के इंफ्रास्ट्रक्चर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि शहर में 55 नए फ्लाईओवर्स दिए गए हैं, जिसने ट्रैफिक को संभालने में अहम भूमिका निभाई है.
राजमार्ग निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए धन की उपलब्धता पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश और विदेशी निवेशकों के भरोसे की ओर इशारा किया. गडकरी ने कहा कि एनएचएआई के इन्विट बॉन्ड्स को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है. उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितताओं और तनाव के माहौल के बावजूद NHAI के बॉन्ड जारी होने के महज 7 घंटे के भीतर पूरी तरह ओवर सब्सक्राइब हो गए. इससे साफ है कि देश में हाईवे प्रोजेक्ट्स के लिए फंड की कोई कमी नहीं है.



