CG Teacher Recruitment: दिव्यांगों के लिए शिक्षक भर्ती के नए नियम तय, विशेष B.Ed के साथ RCI रजिस्ट्रेशन जरूरी

CG Teacher Recruitment: छत्तीसगढ़ में दिव्यांग वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए शिक्षक बनने की शैक्षणिक योग्यता को लेकर नए प्रावधान तय किए गए हैं। अब विशेष शिक्षा से जुड़े शिक्षक पदों पर नियुक्ति के लिए केवल सामान्य बीएड की डिग्री मान्य नहीं होगी। संबंधित दिव्यांगता के क्षेत्र में बीएड (विशेष शिक्षा) की योग्यता होना जरूरी होगा। इसके साथ ही कई पदों के लिए रीहैबिलिटेशन काउंसिल ऑफ इंडिया (RCI) का जीवित पंजीयन भी अनिवार्य किया गया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सामान्य प्रशासन विभाग ने विशेष शिक्षा से जुड़े विभिन्न पदों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता निर्धारित की है। नए नियमों में अलग-अलग दिव्यांगता के अनुसार आवश्यक शैक्षणिक और प्रशिक्षण योग्यता स्पष्ट की गई है।
दृष्टि बाधित शिक्षक के लिए Special B.Ed जरूरी
विशेष शिक्षक (दृष्टि बाधित) पद के लिए मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री के साथ मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से दृष्टि बाधित क्षेत्र में बीएड करना जरूरी होगा। इसके अलावा अभ्यर्थी का RCI में जीवित पंजीयन भी अनिवार्य रहेगा।
इसी तरह शिक्षक (दृष्टि बाधित) और प्रशिक्षित उच्च वर्ग शिक्षक (दृष्टि बाधित) पदों के लिए भी स्नातक डिग्री, दृष्टि बाधित क्षेत्र में बीएड और RCI का वैध पंजीयन आवश्यक होगा।
श्रवण और बौद्धिक दिव्यांगता के लिए अलग योग्यता
शिक्षक (श्रवण बाधित) पद के लिए स्नातक डिग्री के साथ श्रवण बाधित क्षेत्र में बीएड और RCI का जीवित पंजीयन जरूरी किया गया है।
वहीं शिक्षक (बौद्धिक मंदता) पद के लिए स्नातक डिग्री के साथ बौद्धिक मंदता के क्षेत्र में बीएड की योग्यता निर्धारित की गई है।
एकीकृत शिक्षक के पद के लिए स्नातक डिग्री के साथ दृष्टि बाधित या श्रवण बाधित क्षेत्र में बीएड तथा RCI पंजीयन की शर्त रखी गई है।
मोबिलिटी प्रशिक्षक के लिए भी तय हुई योग्यता
मोबिलिटी प्रशिक्षक (दृष्टि/श्रवण बाधित) पद के लिए भी अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता निर्धारित की गई है। दृष्टि बाधित के लिए मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से मोबिलिटी में डिप्लोमा और श्रवण बाधित के लिए फिजिकल एजुकेशन में स्नातक डिग्री की योग्यता तय की गई है।
बहुविकलांगता वाले पदों के लिए विशेष प्रशिक्षण अनिवार्य
प्रशिक्षित शिक्षक (बहु विकलांग) पद के लिए स्नातक डिग्री के साथ बौद्धिक मंदता में बीएड तथा ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर, हियरिंग इम्पेयर्ड, विजुअल इम्पेयर्ड या स्पेशल लर्निंग डिसेबिलिटी में से किसी एक क्षेत्र में बीएड की योग्यता निर्धारित की गई है।
वहीं प्रशिक्षित शिक्षक (बौद्धिक मंदता) के लिए बौद्धिक मंदता में बीएड के साथ RCI का जीवित पंजीयन जरूरी होगा। प्रशिक्षित शिक्षक (श्रवण बाधित) के लिए श्रवण बाधित में बीएड और प्रशिक्षित शिक्षक (दृष्टि बाधित) के लिए दृष्टि बाधित में बीएड की शर्त रखी गई है।
समाज कल्याण विभाग के पदों के लिए भी योग्यता तय
समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत आने वाले प्रशिक्षक, व्यावसायिक शिक्षक और व्यावसायिक प्रशिक्षक पदों के लिए भी न्यूनतम योग्यता निर्धारित की गई है। इन पदों के लिए 10+2 पद्धति से हायर सेकेंडरी उत्तीर्ण होने के साथ संबंधित ट्रेड में मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय, संस्था, पॉलीटेक्निक या ITI से डिग्री अथवा डिप्लोमा आवश्यक होगा।
इसके अलावा मूक-बधिर शिक्षक पद के लिए कला संकाय में स्नातक और D.Ed की योग्यता निर्धारित की गई है। निम्न वर्ग शिक्षक के लिए स्नातक के साथ बौद्धिक मंदता में D.Ed या अस्थि बाधित बाल गृह के लिए D.Ed की योग्यता तय की गई है।
वहीं संगीतकार पद के लिए संबंधित विषय में स्नातक स्तर की उपाधि अथवा स्नातक के साथ DID की उपाधि का प्रावधान किया गया है।
इन नए प्रावधानों के बाद दिव्यांग वर्ग से जुड़े विशेष शिक्षक पदों पर भर्ती के लिए अभ्यर्थियों को संबंधित दिव्यांगता के क्षेत्र में निर्धारित विशेष प्रशिक्षण और, जहां अनिवार्य है, RCI का जीवित पंजीयन सुनिश्चित करना होगा।



