
डॉ. जयशंकर से मिले बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार तौहीद, विभिन्न मुद्दों पर चर्चा
मस्कट। ओमान में आठवें हिंद महासागर सम्मेलन के मंच से इतर रविवार को भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर की बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार मोहम्मद तौहीद से मुलाकात हुई। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों और बिम्सटेक पर विस्तृत चर्चा हुई।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!विदेश मंत्री ने एक्स पर पोस्ट साझा कर बताया है कि, उनकी बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के विदेश मामलों के सलाहकार मोहम्मद तौहीद हुसैन से मुलाकात हुई। उन्होंने लिखा कि मोहम्मद तौहीद हुसैन से बातचीत द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ बिम्सटेक पर केंद्रित थी।

बे ऑफ बंगाल इनीशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टोरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन (बिम्सटेक) में सात देश बांग्लादेश, भारत, श्रीलंका, थाईलैंड, म्यांमा, भूटान और नेपाल शामिल हैं। बांग्लादेश, इस साल 2-4 अप्रैल को बैंकॉक में आयोजित होने वाले बिम्सटेक शिखर सम्मेलन की अगली अध्यक्षता करेगा। हुसैन ने द्विपक्षीय संबंधों में और तनाव को रोकने के प्रयासों के तहत यह मुलाकात की।
बांग्लादेश में पिछले साल शेख हसीना सरकार के पतन के बाद दोनों देशों के संबंधों में आई कड़वाहट के बाद उच्च स्तर पर हुई यह पहली मुलाकात है। पिछले साल अगस्त में छात्रों के नेतृत्व में बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए थे। जिसके बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को पद से इस्तीफा देने को मजबूर होना पड़ा था और वे भारत आ गईं। बांग्लादेश में चल रही मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान हिंदुओं सहित व्यापक स्तर पर अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़ गए। तब से दोनों देशों के बीच तनाव जारी है।
ओमान में आयोजित आठवें हिंद महासागर सम्मेलन के मंच से इतर विदेश मंत्री जयशंकर ने बांग्लादेश के अतिरिक्त मॉरीशस, मालदीव, नेपाल, भूटान और श्रीलंका के अपने समकक्षों के साथ बैठकें कीं। जयशंकर ने मॉरीशस के अपने समकक्ष धनंजय रितेश रामफल से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच दोस्ती को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
विदेश मंत्री जयशंकर ने मालदीव के अपने समकक्ष अब्दुल्ला खलील के साथ भी बैठक की। डॉ. जयशंकर ने एक्स पर इसकी जानकारी साझा करते हुए कहा कि भारत-मालदीव सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर बातचीत हुई। हमारे सहयोग के कई पहलुओं पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ।
जयशंकर ने अपने श्रीलंकाई समकक्ष विजेता हेराथ से भी मुलाकात की और दोनों देशों के बीच व्यापक सहयोग पर चर्चा की। उन्होंने श्रीलंका की आर्थिक सुधार और प्रगति के लिए भारत की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
डॉ. जयशंकर ने नेपाल की समकक्ष आरजू राणा देउबा से भी मुलाकात की जिसमें दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की और संबंधों को मजबूत करने की आशा व्यक्त की।
जयशंकर ने अपने भूटान समकक्ष डीएन धुंगयेल के साथ बैठक कर द्विपक्षीय और क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा की। डॉ. जयशंकर ने एक्स पर लिखा- मस्कट में एफएम भूटान डी.एन. धुंगयेल के साथ बात करके खुशी हुई। हमारी चर्चा हमारे द्विपक्षीय और क्षेत्रीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर केंद्रित थी।

