
फिल्म अभिनेता मनोज जोशी ने छत्तीसगढ़ी व्यंजनों की तारीफ की
रायपुर प्रेस क्लब में मीडिया से मुलाकात में अभिनेताने सवालो का बेबाकी से दिया जवाब
जतिन नचरानी
रायपुर। प्रख्यात अभिनेता मनोज जोशी रविवार को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के प्रवास पर पहुंचे। वहीं रायपुर प्रेस क्लब में मीडिया से मुलाकात की। अपनी सादगी और बेबांक अंदाज के लिए मशहूर जोशी ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपराओं और यहां के लोगों के रहन-सहन की जमकर तारीफकी। उन्होंने कहा कि यहां की आत्मीयता और सांस्कृतिक समृद्धि हर बार उन्हें आकर्षित करती है।
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मनोज जोशी ने कहा, छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा यूं ही नहीं कहा जाता। यहां की मिट्टी, संस्कृति और लोगों का प्यार अनूठा है। मैं जितनी बार रायपुर आया हूं, हर बार एक नया अनुभव लेकर गया हूं। उन्होंने छत्तीसगढ़ी व्यंजनों, खासकर ठेठरी-खुरमी और फरा की तारीफ की और कहा कि यहां का खाना उनके दिल को छू गया। जोशी ने छत्तीसगढ़ के लोक नृत्यों और संगीत की भी प्रशंसा की। उन्होंने बस्तर के आदिवासी नृत्य और राउत नाच को देश की सांस्कृतिक धरोहर बताया।
उन्होंने कहा, ऐसी समृद्ध परंपराएं आज के दौर में संरक्षित करना जरूरी है। यहां की कला और संस्कृति को राष्ट्रीय मंच पर और अधिक पहचान मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि वह भविष्य में छत्तीसगढ़ की पृष्ठभूमि पर आधारित किसी फिल्म या नाटक में काम करना चाहेंगे। इस अवसर पर उन्होंने रायपुर के विकास की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि शहर में आधुनिकता और परंपरा का सुंदर समन्वय दिखता है। साथ ही, उन्होंने स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार और समाज से कला अकादमियों को मजबूत करने की अपील की।

