
एशियन पेंट्स बनाम ग्रासिम: 90 दिनों की जांच शुरू-यह मामला तब शुरू हुआ जब आदित्य बिड़ला समूह की ग्रासिम इंडस्ट्रीज ने एशियन पेंट्स पर बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने और नए प्रतिस्पर्धियों को रोकने के लिए गलत तरीके अपनाने का आरोप लगाया। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए 90 दिनों की जांच शुरू कर दी है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!ग्रासिम का आरोप-ग्रासिम का कहना है कि एशियन पेंट्स जानबूझकर उसे बाजार में प्रवेश करने से रोक रही है। कंपनी पर कई तरह के दबाव बनाने और अनुचित तरीके अपनाने के आरोप हैं।
CCI की प्रारंभिक जांच-CCI ने अपनी प्रारंभिक जांच में पाया कि एशियन पेंट्स के कार्यों में प्रतिस्पर्धा अधिनियम का उल्लंघन हो सकता है। इसलिए, गहन जांच की आवश्यकता महसूस की गई।
90 दिनों की गहन जांच-CCI के डायरेक्टर जनरल अब 90 दिनों के अंदर इस पूरे मामले की जांच करेंगे और अपनी रिपोर्ट देंगे। यह जांच निष्पक्ष और बिना किसी पूर्वधारणा के होगी।
एशियन पेंट्स पर आरोप-एशियन पेंट्स पर आरोप है कि उसने अपने डीलरों को ग्रासिम से दूर रहने के लिए कहा। साथ ही, कंपनी ने कच्चे माल के सप्लायर, ट्रांसपोर्ट एजेंट और गोदाम मालिकों पर भी दबाव डाला ताकि वे ग्रासिम के साथ काम न करें।
प्रतिस्पर्धा पर असर- CCI का मानना है कि एशियन पेंट्स के ये कदम बाजार में नई कंपनियों के लिए मुश्किलें पैदा करते हैं और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को कमजोर करते हैं। इससे ग्राहकों को भी नुकसान हो सकता है क्योंकि उन्हें कम विकल्प मिलेंगे।
अंतिम फैसला बाकी- CCI ने साफ किया है कि यह सिर्फ शुरुआती जांच की बात है। अंतिम फैसला जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगा।

