देश-विदेश
Trending

मुख्यमंत्री धामी की समीक्षा बैठक: कानून-व्यवस्था, सड़क सुधार और सेवा पखवाड़े पर सख्त निर्देश

 जनता के लिए एक पारदर्शी और सुरक्षित व्यवस्था: उत्तराखंड सरकार का संकल्प

सुगम और सुरक्षित जीवन की ओर एक बड़ा कदम-मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में सचिवालय में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया, जिसमें प्रदेश की कानून-व्यवस्था, सड़कों की स्थिति, आगामी ‘सेवा पखवाड़ा’ और जनहित से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि राज्य सरकार जनता को एक ऐसी व्यवस्था प्रदान करे जो न केवल सुगम हो, बल्कि पूरी तरह से पारदर्शी और सुरक्षित भी हो। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी विभागों को मिलकर काम करने और जनता को बेहतर से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया, ताकि हर नागरिक को सरकार की योजनाओं का लाभ सरलता से मिल सके।

संवेदनशील क्षेत्रों में पैनी नज़र, कानून-व्यवस्था सर्वोपरि-मुख्यमंत्री धामी ने इस बात पर विशेष बल दिया कि जो भी तत्व राज्य की शांति और व्यवस्था को बिगाड़ने का प्रयास करेंगे, उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के सभी संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी रखी जाए। इसके साथ ही, राज्य की सीमाओं पर भी सघन जांच अभियान चलाने की आवश्यकता बताई गई। पुलिस बल को विशेष रूप से रात के समय अपनी गश्त को और अधिक मज़बूत करने के लिए कहा गया है। इसके अतिरिक्त, मानसून के बाद सड़कों को गड्ढा-मुक्त बनाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिसकी निविदा प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि यात्रियों को सुगम यात्रा का अनुभव मिल सके।

सेवा पखवाड़ा’: जनसेवा और जागरूकता का महाआयोजन-मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की है कि 17 सितंबर से लेकर 2 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश में ‘सेवा पखवाड़ा’ मनाया जाएगा। इस दौरान, हर जिले में विभिन्न प्रकार के सेवा-भाव से जुड़े कार्यक्रम, जनजागरूकता अभियान और जनहित के कार्य आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि हर जिले के लिए एक विस्तृत कार्य-योजना तैयार की जाए और उसे तय समय-सीमा के भीतर प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। यह भी बताया गया कि मुख्यमंत्री स्वयं भी विभिन्न जिलों का दौरा कर सड़क मार्ग से व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे, ताकि जमीनी स्तर पर हकीकत को समझा जा सके और आवश्यक सुधार किए जा सकें।

मिलावटी नमक के खिलाफ कड़ा रुख, दोषियों को मिलेगी सज़ा-बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री धामी ने रेत मिश्रित नमक की बिक्री से संबंधित शिकायतों पर अत्यंत गंभीरता दिखाई। उन्होंने तत्काल प्रभाव से ऐसे नमूनों की जांच कराने के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि जांच में कोई भी व्यक्ति या संस्था दोषी पाई जाती है, तो उसके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य सचिव आर.के. सुधांशु, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ और कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने मिलकर प्रदेश के विकास और जनसुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए।

Back to top button
📰 E-Paper