
सावधान! क्रेडिट कार्ड बंद करना कहीं पड़ न जाए भारी! इसपर पड़ सकता है सीधा असर, जानें?
Impact of Closing Credit Card : आजकल क्रेडिट कार्ड सिर्फ शॉपिंग का साधन नहीं बल्कि आपकी आर्थिक साख (Financial Reputation) का आईना बन चुका है। अक्सर लोग गैर-जरूरी समझकर पुराने क्रेडिट कार्ड को बंद कर देते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी यह एक छोटी सी चूक आपके सिबिल स्कोर (CIBIL Score) को बिगाड़ सकती है? आइए समझते हैं इसका पूरा गणित।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!कार्ड बंद करने से स्कोर क्यों गिरता है?
जब आप अपना क्रेडिट कार्ड बंद करते हैं तो सिबिल स्कोर पर इसके तीन मुख्य प्रभाव पड़ते हैं:
1. क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो (CUR) का बढ़ना: मान लीजिए आपके पास दो कार्ड हैं जिनकी कुल लिमिट ₹2 लाख है और आप हर महीने ₹40,000 खर्च करते हैं। अभी आप अपनी लिमिट का 20% इस्तेमाल कर रहे हैं। अगर आप एक कार्ड बंद कर देते हैं और लिमिट ₹1 लाख रह जाती है तो वही ₹40,000 का खर्च अब 40% दिखने लगेगा। बैंक इसे ‘वित्तीय जोखिम’ मानते हैं और स्कोर कम कर देते हैं।
2. क्रेडिट हिस्ट्री की लंबाई का छोटा होना: आपका सिबिल स्कोर इस बात पर भी निर्भर करता है कि आप कितने पुराने ग्राहक हैं। यदि आप अपना सबसे पुराना कार्ड बंद कर देते हैं तो आपका क्रेडिट रिकॉर्ड छोटा हो जाता है, जिससे आपकी विश्वसनीयता कम हो सकती है।
3. क्रेडिट मिक्स का बिगड़ना: एक अच्छा स्कोर वह होता है जिसमें अलग-अलग तरह के लोन (जैसे पर्सनल लोन, क्रेडिट कार्ड, होम लोन) का संतुलन हो। कार्ड बंद करने से यह बैलेंस बिगड़ सकता है।
कब बंद करें और कब चालू रखें?
यदि आपका कार्ड ‘लाइफ टाइम फ्री’ है तो उसे बंद न करना ही बेहतर है। भले ही आप इसका उपयोग न करें लेकिन यह आपकी कुल क्रेडिट लिमिट को बढ़ाने में मदद करता है। अगर किसी कार्ड पर भारी सालाना फीस (Annual Charges) लग रही है और उसके रिवॉर्ड पॉइंट्स आपके काम के नहीं हैं तभी उसे बंद करने का विचार करें।
मजबूत सिबिल स्कोर के लिए खास टिप्स
- 30% का नियम: हमेशा अपनी कुल क्रेडिट लिमिट का केवल 30% हिस्सा ही खर्च करें।
- पुराना है सोना: अपने सबसे पुराने क्रेडिट कार्ड को एक्टिव रखें ताकि आपकी क्रेडिट हिस्ट्री लंबी बनी रहे।
- समय पर भुगतान: केवल मिनिमम बैलेंस नहीं बल्कि हमेशा पूरा बिल समय पर चुकाएं।
- छोटा खर्च: जो कार्ड इस्तेमाल नहीं कर रहे उससे कभी-कभार छोटा खर्च (जैसे मोबाइल रिचार्ज) कर लें ताकि वह एक्टिव रहे।

