पंजाब

कलयुगी शिष्य की काली करतूतः करोड़ों का लालच देकर टीचर को लगया 15 करोड़ का चूना

लुधियाना: गुरु-शिष्य के पवित्र रिश्ते को कलंकित करने वाला एक मामला सामने आया है। यहां एक शातिर ऑनलाइन कारोबारी ने अपने ही पूर्व शिक्षक (Ex-Teacher) को सुनियोजित तरीके से विश्वास के जाल में फंसाकर करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दिया। सदर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जिसे अदालत ने तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। आरोपी की पहचान जम्मू-कश्मीर के निवासी मोरिस एडम शाहमिरी के रूप में हुई है, जो खुद को एक बड़े ऑनलाइन वेंचर का मालिक बताता था।

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

2024 में आरोपी ने टीचर से किया था संपर्क
दरअसल, आरोपी मोरिस ने अगस्त 2024 में अपनी पूर्व शिक्षिका सीता रानी और उनके पति से संपर्क साधा था। खुद को एक बेहद सफल बिजनेसमैन के तौर पर पेश करते हुए उसने अपनी कंपनी में निवेश करने पर भारी-भरकम रिटर्न का सब्जबाग दिखाया। शिक्षिका ने अपने पुराने छात्र पर भरोसा किया, लेकिन उसे क्या पता था कि जिस शिष्य को उसने कभी शिक्षा दी थी, वही उसके घर को उजाड़ने की तैयारी कर रहा है। आरोपी ने भरोसा जीतने के लिए पोस्ट डेटेड चेक और शेयर अलॉटमेंट लेटर जैसे दस्तावेज थमा दिए। इतना ही नहीं, शातिर आरोपी ने जून 2025 में एक एफिडेविट भी तैयार किया, जिसमें उसने 13.10 करोड़ रुपये की देनदारी स्वीकारते हुए वादा किया कि यदि वह पैसा नहीं लौटा पाया तो दोगुना भुगतान करेगा।

कैंसर की बीमारी से जूझ रहा था टीचर का पति
इस मामले का सबसे दुखद पहलू यह है कि जब पीड़ित परिवार इस ठगी का शिकार हो रहा था, उस समय सीता रानी के पति कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से जूझ रहे थे। बीमारी के इलाज के लिए परिवार बार-बार अपने पैसे वापस मांगता रहा, लेकिन आरोपी लगातार टालमटोल करता रहा और अंततः जुलाई 2025 में कैंसर के कारण महिला के पति की मौत हो गई। पति की मौत के बाद जब महिला ने कानूनी रास्ता अपनाने की कोशिश की, तो आरोपी ने अपने ऊंचे रसूख, राजनीतिक रसूख और पुलिस कनेक्शन का हवाला देकर उसे डराने-धमकाने की भी कोशिश की। मगर पीड़ित महिला ने इस संबंध में पुलिस को शिकायत दी।

15 करोड़ रुपये से अधिक की सोची-समझी धोखाधड़ी
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी द्वारा दिए गए सभी चेक बाउंस हो चुके थे और उसके द्वारा पेश किए गए निवेश के दस्तावेज पूरी तरह से फर्जी थे। बैंक ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड, चैट हिस्ट्री और कूरियर रसीदों से साफ हो गया है कि यह करीब 15 करोड़ रुपये से अधिक की सोची-समझी धोखाधड़ी है। सदर थाना के SHO इंस्पेक्टर जगदेव सिंह ने बताया कि आरोपी लगातार पुलिस जांच से भाग रहा था और समन भेजने के बावजूद पेश नहीं हो रहा था। इसके बाद आरोपी को दबोचा गया और अदालत पेश कर रिमांड पर लिया गया है। अब रिमांड के दौरान पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस बड़े घोटाले में और कौन-कौन से चेहरे शामिल हैं और क्या आरोपी ने इस तरह से अन्य लोगों को भी अपनी ठगी का शिकार बनाया है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में कई बड़े और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।

Join Us
Back to top button
12 हजार से भी कम, 8GB रैम और 5G सपोर्ट के साथ 25,000 में ट्रेन से 7 ज्योतिर्लिंग यात्रा, जानें पूरा पैकेज और किराया IRCTC Bharat Gaurav चलेगी 10 पैसे प्रति किलोमीटर e-Luna Prime,सस्ती इलेक्ट्रिक बाइक iPhone से Pixel तक स्मार्टफोन पर बेस्ट डील्स, आज आखिरी मौका