
होर्मुज जलडमरुमध्य दोबारा न खोला गया तो ईरान पर बमबारी होगी, डोनालड ट्रंप की चेतावनी
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरुमध्य नहीं खोलने की स्थिति में ईरान पर और ज्यादा बमबारी करने की बुधवार को चेतावनी दी। इस बीच, युद्ध खत्म करने के लिए दोनों पक्षों के समझौते के करीब पहुंचने की खबर भी सामने आई है। अमेरिकी मीडिया संस्थान एक्सियस की खबर में अमेरिकी अधिकारियों और दो अन्य सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि अमेरिका और ईरान युद्ध खत्म करने को लेकर एक पृष्ठ के सहमति पत्र को मंजूरी देने और विस्तृत परमाणु वार्ताओं के लिए एक रूपरेखा तय करने के करीब पहुंच गए हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!खबर के अनुसार अमेरिका को उम्मीद है कि ईरान अगले 48 घंटे के अंदर विभिन्न प्रमुख बिंदुओं पर अपनी प्रतिक्रिया देगा। हालांकि खबर में यह भी कहा गया है कि अभी कुछ तय नहीं है। खबर में कहा गया है कि युद्ध शुरू होने के बाद से पहली बार दोनों पक्ष किसी समझौते के इतनी ज्यादा करीब पहुंचे हैं। ट्रंप ने ”ट्रुथ सोशल” पर एक पोस्ट में कहा, “अगर ईरान पहले से तय शर्तों को मान ले तो इस समय जारी बड़ा सैन्य अभियान “एपिक फ्यूरी” खत्म हो जाएगा। समुद्री नाकाबंदी हट जाएगी और होर्मुज जलडमरुमध्य ईरान समेत सभी के लिए खुल जाएगा।”
ट्रंप ने कहा, “अगर ईरान ने सहमति नहीं जताई, तो बमबारी शुरू होगी। यह बमबारी दुर्भाग्य से पहले की तुलना में बहुत बड़े स्तर पर और बहुत तेज होगी।” एक्सियस की खबर के अनुसार, इस समझौते में ईरान परमाणु संवर्धन को अस्थायी रूप से रोकने पर सहमत होगा, जबकि अमेरिका उस पर लगे आर्थिक प्रतिबंध हटा देगा, साथ ही ईरान के अरबों डॉलर के ‘फ्रीज’ किए गए धन के इस्तेमाल की अनुमति देगा।
खबर के अनुसार दोनों देश होर्मुज जलडमरुमध्य से गुजरने वाले जहाजों और व्यापार पर लगी पाबंदियों को भी कम या खत्म करने पर सहमत हो सकते हैं। खबर में कहा गया है कि इस सहमति पत्र में बताई कई शर्तें तभी लागू होंगी जब दोनों पक्षों के बीच अंतिम समझौता हो जाएगा। खबर के अनुसार अगर ऐसा नहीं होता, तो फिर से युद्ध शुरू होने की आशंका बनी रहेगी, या स्थिति लंबे समय तक अनिश्चित बनी रह सकती है। इससे पहले ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से मुलाकात के बाद चीन ने ईरान युद्ध में समग्र संघर्ष विराम की अपील की। अराघची 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमला किए जाने के बाद से पहली बार चीन की यात्रा पर है।

