
छत्तीसगढ़
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में डिजिटल टिकटिंग एवं कैशलेस सेवाओं का विस्तार!
यात्रियों की सुविधा हेतु आधुनिक, तेज़ एवं पारदर्शी सेवाओं की दिशा में एक और कदम ।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के 44 स्टेशनों पर कुल 87 ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन स्थापित।
यात्री सुविधाओं में बड़े विस्तार के रूप में 38 नई ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीनें होंगी शीघ्र स्थापित ।
रायपुर/बिलासपुर – 04 मई 2026- दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, भारत सरकार की डिजिटल इंडिया पहल के अनुरूप, यात्रियों को सहज, तेज़ एवं कैशलेस सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से अपने डिजिटल सेवा ढांचे को लगातार सुदृढ़ कर रहा है। इसी क्रम में रेलवे स्टेशनों एवं यात्री सेवा केंद्रों पर डिजिटल टिकटिंग सुविधाओं का व्यापक विस्तार किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को अधिक सुविधाजनक, तेज़ एवं पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
यात्रियों को बिना कतार में लगे शीघ्र अनारक्षित टिकट उपलब्ध कराने के लिए ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) सुविधा को तेजी से बढ़ाया जा रहा है। वर्तमान में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के 44 स्टेशनों पर कुल 87 ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन स्थापित किए जा चुके हैं। इनमें बिलासपुर मंडल के 13 स्टेशनों पर 32 ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन, रायपुर मंडल के 12 स्टेशनों पर 26 ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन तथा नागपुर मंडल के 19 स्टेशनों पर 29 ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन कार्यरत हैं। यात्रियों की बढ़ती मांग एवं सुविधा को ध्यान में रखते हुए निकट भविष्य में 38 अतिरिक्त ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन स्थापित किए जाने की योजना है, जिनमें बिलासपुर मंडल में 12, रायपुर मंडल में 16 तथा नागपुर मंडल में 10 नई मशीनें शामिल हैं। यह विस्तार स्व-टिकटिंग प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाएगा तथा यात्रियों के समय की बचत के साथ टिकटिंग प्रक्रिया को सरल एवं सुगम बनाएगा।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में डिजिटल लेन-देन के प्रति यात्रियों की बढ़ती स्वीकृति स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। वर्तमान में यात्री आरक्षण प्रणाली (पीआरएस) के 42 प्रतिशत लेन-देन डिजिटल माध्यम से हो रहे हैं, जबकि अनारक्षित टिकटिंग (यूटीएस एवं एटीवीएम) के 34 प्रतिशत लेन-देन डिजिटल भुगतान के माध्यम से संपन्न हो रहे हैं। इसके अतिरिक्त, पार्सल कार्यालयों में 100 प्रतिशत डिजिटल लेन-देन सुनिश्चित किया जा चुका है तथा टिकट जांच से प्राप्त होने वाली आय का 26 प्रतिशत हिस्सा भी डिजिटल माध्यम से संग्रहित किया जा रहा है।
डिजिटल भुगतान प्रणाली के बढ़ते उपयोग से न केवल टिकटिंग सेवाओं में तेजी आई है, बल्कि नकद लेन-देन पर निर्भरता में कमी आई है, जिससे पारदर्शिता एवं जवाबदेही में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इससे यात्रियों को अधिक सुविधा एवं बेहतर अनुभव प्राप्त हो रहा है। साथ ही, यह पहल पर्यावरण संरक्षण के लिए पेपरलेस व्यवस्था को बढ़ावा देने के साथ-साथ वित्तीय समावेशन एवं डिजिटल सशक्तिकरण को भी प्रोत्साहित कर रही है।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे यात्रियों को आधुनिक, सुरक्षित एवं सुविधाजनक सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी डिजिटल तकनीकों के माध्यम से सेवा गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा।
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