
रायपुर। भोरमदेव अभ्यारण्य के चिल्फी परिक्षेत्र में दो इंडियन बायसन/गौर (अनुसूची-1) के अवैध शिकार का गंभीर मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार आरोपियों ने बहनाखोदरा क्षेत्र में विद्युत करंट बिछाकर दोनों वन्यप्राणियों को मार दिया और बाद में उनका मांस काटकर आपस में बाँट लिया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 एवं लोक सम्पत्ति नुकसान निवारण अधिनियम, 1984 की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर वन अपराध प्रकरण 18 नवम्बर का पंजीबद्ध किया गया। जाँच के दौरान वन अमले ने साक्ष्य जुटाकर पांच अपराधी अन्तू पिता गौतर बैगा, सखुराम पिता रामासिंह बैगा, सोनेलाल पिता सुखराम बैगा, कमलेश पिता चमरू यादव और इन्दर पिता शतुर बैगा को 19 नवम्बर को गिरफ्तार किया। सभी को न्यायालय में प्रस्तुत कर 14 दिन की रिमांड का आवेदन किया गया है, ताकि मामले की विस्तृत जाँच हो सके।
गौरतलब है और इस अपराध की बारीकी से जाँच के लिए अचानकमार टाइगर रिज़र्व, लोरमी से विशेष डॉग-स्क्वॉड टीम को भी बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल पर महत्वपूर्ण सुराग जुटाए, जिनकी मदद से पूरी कार्रवाई और मजबूत हुई। इस पूरे अभियान में स्थानीय पुलिस ने भी सहयोग दिया। उल्लेखनीय है कि वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने वन्य अपराध में संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। जिसके परिपालन में वनमंडलाधिकारी कवर्धा श्री निखिल अग्रवाल और भोरमदेव अभ्यारण्य के अधीक्षक के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई। विभाग ने कहा है कि वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए अभ्यारण्य क्षेत्र में निगरानी और कड़ी की जा रही है। वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी वन अमले को दें।

