
“जनरल डायर को डिनर पर बुलाया गया?”: भगवंत मान का मजठिया परिवार पर सीधा हमला, उठाए कड़े सवाल
जलियांवाला बाग कांड: एक नया विस्फोटक खुलासा!-पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक ऐसा आरोप लगाया है जिससे राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। उनका दावा है कि जलियांवाला बाग नरसंहार के दिन, जनरल डायर को मजठिया परिवार ने अपने घर पर डिनर के लिए बुलाया था।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!डिनर, रेड वाइन और सम्मान-मान के मुताबिक, उस डिनर में जनरल डायर को न सिर्फ रेड वाइन परोसी गई, बल्कि उन्हें सम्मानित भी किया गया। यह दावा पंजाब की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकता है और कई सवाल खड़े करता है। क्या सच में ऐसा हुआ था? क्या ये आरोप सिर्फ राजनीतिक स्टंट है या कुछ और?
‘माफ़ी’ और ‘सिख उपाधि’ – एक शर्मनाक सच?-मान ने आगे दावा किया कि जनरल डायर को ‘ऑनरेरी सिख’ की उपाधि से भी नवाज़ा गया। यह दावा बेहद चौंकाने वाला है और इतिहास के एक काले अध्याय को फिर से उजागर करता है। निहत्थे लोगों के कत्लेआम करने वाले को माफ़ करना और उसे सम्मान देना, क्या वाकई एक शर्मनाक बात नहीं है? इस घटना के बाद मजठिया परिवार की भूमिका और एसजीपीसी की स्थिति पर भी सवाल उठ रहे हैं।
सुखबीर और बिक्रम मजठिया पर सीधा निशाना-सीएम मान ने इस घटना के लिए सुखबीर बादल और बिक्रम सिंह मजठिया को सीधे तौर पर ज़िम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि दोनों को इस सच का सामना करना चाहिए और इसकी ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने दोनों नेताओं के बीच चल रहे संपत्ति विवाद का भी ज़िक्र किया, जिससे इस पूरे मामले में एक और नया आयाम जुड़ गया है।
‘पैसा ही है सारी लड़ाई की जड़’-सीएम मान ने कहा कि आज के राजनीतिक झगड़े और मतभेदों की जड़ में पैसा है। उन्होंने कहा कि पहले वे इन बातों से बचते थे, लेकिन अब चुप रहना संभव नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि जो भी उनसे टकराएगा, उसे जवाब ज़रूर मिलेगा।
संसद में भी उठाया था मुद्दा-मान ने बताया कि उन्होंने इस घटना को पहले भी संसद में उठाया था। उनका मानना है कि इतिहास के ऐसे काले सच को छिपाया नहीं जा सकता और जनता को यह जानने का पूरा हक़ है कि उनके नेताओं के पूर्वजों ने क्या भूमिका निभाई थी।
सुंदर सिंह मजठिया का नाम भी सामने-मान ने आरोप लगाया कि सुंदर सिंह मजठिया ने जनरल डायर की मेज़बानी की थी। यह घटना भारतीय इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक है और इसके पीछे के चेहरों को बेनकाब करना बेहद ज़रूरी है।

