
चंडीगढ़ । कनाडा में एक मंदिर पर हुए खालिस्तानी हमले के बाद पंजाब की राजनीति गरमा गई है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को कहा कि इस प्रकार की हिंसक घटनाएं रोकने के लिए भारत को कनाडा सरकार से बातचीत करनी चाहिए, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा से न हों।
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बठिंडा में पत्रकार वार्ता में सीएम मान ने कहा कि पंजाबी कनाडा को दूसरा घर मानते हैं। पंजाब के अधिकतर लोग कनाडा में बसे हुए हैं। इसीलिए संबंध ठीक रहने चाहिए और दोनों सरकारों में बातचीत भी होनी चाहिए। कोई नहीं चाहता कि इस तरह की हिंसक घटना हो। भारत सरकार को कनाडा सरकार से बात करनी चाहिए, ताकि आने वाले समय में ऐसी घटनाएं ना हों। हम सरबत का भला मांगने वाले लोग हैं। पूरी दुनिया में बसे हैं, पंजाबी शांतिमय हैं। सीएम मान ने कहा कि अगर कुछ लोग ऐसी हिंसक हरकतें करते हैं तो ये निंदनीय है। इससे ये साबित नहीं होता कि सभी पंजाबी ऐसे होंगे। दोनों समुदाय हमारे ही हैं।
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के पास ठोस सबूत नहीं हैं। क्या चुनावी मजबूरियां दशकों पुराने रिश्तों, राष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं और सदियों पुरानी संसदीय परंपराओं से अधिक महत्वपूर्ण हैं।

