
नई दिल्ली। आज का दिन हम सभी के लिए बेहद खास है। आज का दो तरीकों से याद किया जा रहा है। पहला आज World Student’s Day है और दूसरा आज देश के पूर्व राष्ट्रपति और मिसाइल मैन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का जन्मदिवस है। दरअसल, हर साल अब्दुल कलाम जी की जयंती के मौके पर ही यह स्टूडेंट डे मनाया जाता है। यह दिन समाज और भविष्य को आकार देने में छात्रों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालता है। आइए जानते हैं इस दिन का इतिहास और इसका महत्व-
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क्यों मनाते हैं वर्ल्ड स्टूडेंट डे?
देश के पूर्व राष्ट्रपति और प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ. अब्दुल कलाम के जन्मदिन के सम्मान में हर साल 15 अक्टूबर को World Student’s Day मनाया जाता है। कलाम जी हमेशा से ही शिक्षा के समर्थक रहे थे और वह दुनिया के विकास में महत्वपूर्ण प्रभाव डालने के लिए छात्रों की शक्ति में विश्वास करते थे। इसके अलावा डॉ. कलाम को साइंस और टेक्नोलॉजी, विशेष रूप से मिसाइल डेवेलपमेंट और अंतरिक्ष अनुसंधान में उनके योगदान के लिए जाना जाता था।
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वह अक्सर स्कूलों और कॉलेजों का दौरा करते थे, अपना विजन साझा करते थे और बच्चों को उनकी पूरी क्षमता का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित करते थे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एजुकेशन पर्सनल ग्रोथ और सोशल डेवेलपमेंट दोनों के लिए बेहद जरूरी है।
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वर्ल्ड स्टूडेंट डे का मकसद
ऐसे में वर्ल्ड स्टूडेंट डे डॉ. कलाम के योगदान की याद दिलाता है और शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालता है। यह दुनियाभर में छात्रों की उपलब्धियों का जश्न मनाने और उन्हें सीखने अपने के लिए प्रयास जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करने का दिन है। इस दिन को मनाकर, हम डॉ. कलाम के इस विश्वास का सम्मान करते हैं कि छात्र भविष्य के नेता और परिवर्तन-निर्माता हैं, जो एक बेहतर दुनिया बनाने में सक्षम हैं।
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क्यों जरूरी है वर्ल्ड स्टूडेंट डे?
वर्ल्ड स्टूडेंट डे कई कारणों से मनाया जाता है। यह दिन छात्रों और उनकी उपलब्धियों का सम्मान करता है, एपीजे अब्दुल कलाम की याद दिलाता है और वर्तमान में मौजूद शिक्षा से जुड़ी चुनौतियों के बारे में जागरूकता बढ़ाता है। यह खास अवसर छात्रों को अपनी एजुकेशनल जर्नी में आने वाली कठिनाइयों को व्यक्त करने और एजुकेशन सिस्टम में मौजूद कमियों को दूर करने का एक मौका देता है।
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