
उत्तरकाशी के धराली में रेस्क्यू ऑपरेशन: जानें हालात और बचाव वार्निंग सिस्टम की जानकारी
उत्तरकाशी के धराली में हाल ही में आई आपदा के बाद से रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। इस संकट के समय में बचाव टीमों ने लोगों की सुरक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। आइए जानते हैं इस ऑपरेशन की पूरी जानकारी और हालात कैसे हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!रेस्क्यू ऑपरेशन की स्थिति
धराली में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन में एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) और एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीमें जुटी हुई हैं। इन टीमों का मुख्य उद्देश्य लापता लोगों की तलाश करना और प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य करना है।बचाव कार्य के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष वार्निंग सिस्टम तैयार किया गया है। इसके तहत, दो जवानों को खीर गंगा के ऊपरी क्षेत्र में तैनात किया गया है। ये जवान खतरे की आशंका पर सीटी बजाकर लोगों को आगाह करेंगे।सीटी बजने पर क्या करना है?: सभी एजेंसियों के टीम कमांडर को निर्देश दिया गया है कि जब भी सीटी बजे, सभी लोग तुरंत सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।
जीवित लोगों की तलाश – एनडीआरएफ के असिस्टेंट कमांडेंट आरएस धपोला ने बताया कि धराली में जीवित लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है। इसके लिए जीपीआर मशीन (ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार) का उपयोग किया जा रहा है, जिससे लापता लोगों की खोज की जा रही है।
मलबे की स्थिति – हाल ही में, एनडीआरएफ और एमआरटी (मेडिकल रेस्क्यू टीम) को खीर गंगा के ऊपरी क्षेत्र में सर्वे के लिए भेजा गया था। वहां भारी मलबा जमा होने की जानकारी मिली है, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन में कठिनाई आ रही है।
खतरे की आशंका मलबे के कारण फिर से बाढ़ आने की संभावना है, इसलिए दो जवानों को खीर गंगा के किनारों पर तैनात किया गया है। उनका काम है कि वे किसी भी आपात स्थिति में रेस्क्यू टीम को तुरंत आगाह कर सकें। रेस्क्यू ऑपरेशन की चुनौतियाँ धराली में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन में कई चुनौतियाँ सामने आ रही हैं। भारी मलबा और खराब मौसम बचाव कार्य को प्रभावित कर रहे हैं। इसके बावजूद, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें पूरी मेहनत से काम कर रही हैं।स्थानीय प्रशासन भी इस रेस्क्यू ऑपरेशन में सक्रिय रूप से शामिल है। वे प्रभावित लोगों को राहत सामग्री पहुंचाने और सुरक्षित स्थानों पर ले जाने का कार्य कर रहे हैं।

