टेक्नोलॉजी

बिना टावर हर कोने तक पहुंचेगा रॉकेट-स्पीड इंटरनेट! Starlink को मिली सरकार की मंजूरी

अब जल्द भारत में सीधे आसमान से इंटरनेट मिलेगा. इसके लिए अहम प्रक्रिया पूरी हो गई. यानी अब भारत में भी Elon Musk की Starlink, Eutelsat OneWeb और Reliance Jio जैसी कंपनियों सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस उपलब्ध करवा सकती है. बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, डिजिटल कम्युनिकेशंस कमीशन (DCC) ने सैटेलाइट स्पेक्ट्रम आवंटन पर टेलीकॉम रेगुलेटर TRAI की सिफारिशों को मंजूरी दे दी है.

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अधिकारियों के अनुसार, सैटेलाइट सर्विस प्रोवाइडर्स को 5 साल के लिए स्पेक्ट्रम मिलने की संभावना है. हालांकि, उन्हें एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) का 5% स्पेक्ट्रम यूसेज चार्ज (SUC) चुकाना होगा. जबकि ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों में सैटेलाइट कनेक्टिविटी देने वाली कंपनियों को कम SUC चुकाना पड़ सकता है.

TRAI इंटनेट को बनाना चाहता है अफोर्डेबल

Starlink, Eutelsat OneWeb और Reliance Jio भारत में कमर्शियल सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सेवाएं शुरू करने के लिए स्पेक्ट्रम आवंटन पर क्लियरिटी का इंतजार कर रहे थे. आपको बता दें कि Starlink को भारत में सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सेवाएं देने का लाइसेंस पहले ही मिल चुका है. कंपनी ने रेगुलेटरी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए जरूरी ग्राउंड इंफ्रास्ट्रक्चर को भी स्थापित कर लिया है.

पिछले साल मई में TRAI ने कुछ चुनिंदा सैटेलाइट-बेस्ड कमर्शियल कम्युनिकेशन सर्विसेज के लिए स्पेक्ट्रम आवंटन पर अपनी सिफारिशें जारी की थीं. रेगुलेटर ने सिफारिश की थी, “प्राधिकरण सिफारिश करता है कि GSO/NGSO-बेस्ड फिक्स्ड सैटेलाइट सर्विसेज और GSO/NGSO-बेस्ड मोबाइल सैटेलाइट सर्विसेज के लिए सालाना न्यूनतम स्पेक्ट्रम चार्ज 3,500 रुपये प्रति MHz होना चाहिए. सालाना स्पेक्ट्रम चार्ज का कैलकुलेशन GSO-बेस्ड फिक्स्ड सैटेलाइट सर्विसेज और GSO/NGSO-बेस्ड मोबाइल सैटेलाइट सर्विसेज के लिए अधिकतम (AGR का 4%, सालाना न्यूनतम स्पेक्ट्रम चार्ज) पर की जानी चाहिए.”

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कम कीमत पर इंटरनेट उपलब्ध करवाना मकसद

रेगुलेटर इस बात पर खास जोर दे रहा है कि यह अहम कनेक्टिविटी आम यूजर्स के लिए किफायती दरों पर उपलब्ध हो. TRAI ने कहा, “प्राधिकरण का मानना है कि ज्यादा न्यूनतम स्पेक्ट्रम चार्ज से छोटे सैटेलाइट ऑपरेटर्स और रक्षा, इमरजेंसी कम्युनिकेशन, पब्लिक यूटिलिटीज व दूर-दराज के इलाकों में कनेक्टिविटी जैसी आवश्यक सर्विस के लिए स्पेक्ट्रम का इस्तेमाल करने वालों पर बुरा असर पड़ सकता है.  ज्यादा शुल्क इन ऑपरेटर्स को स्पेक्ट्रम अपनाने से रोक सकते हैं. जिससे मार्केट एंट्री, महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निवेश और कम कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों में सर्विस का विस्तार प्रभावित हो सकता है.

News Desk

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