
टीम इंडिया को झटका, सेमीफाइनल में कदम रखने हाई रन रेट बनाना जरूरी
आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप में सुपर-8 का रोमांच जारी है. मैच दर मैच सेमीफाइनल की जंग और पेचीदा होती जा रही है. रविवार को साउथ अफ्रीका ने टीम इंडिया को करारी शिकस्त दी. इसके बाद वेस्टइंडीज ने सोमवार को जिम्बाब्वे के खिलाफ बड़ी जीत हासिल की. वेस्टइंडीज की इस महाजीत ने सेमीफाइनल के गणित को और उलझा दिया है. अब भारत की सेमीफाइनल में पहुंचने की राह और मुश्किल हो गई है. इस जीत के साथ ही सुपर-8 के ग्रुप 1 में वेस्टइंडीज की टीम टॉप पर आ गई है. दो अंक के साथ ही वेस्टइंडीज का रन रेट +5.350 का हो गया है. वहीं, दूसरे नंबर पर साउथ अफ्रीका है जिसका नेट रन रेट दो अंकों के साथ +3.800 का है. अब तीसरे पायदान पर भारत है जिसके पास अंक नहीं है लेकिन उसका नेट रन रेट (-3.800) जिम्बाब्वे (-5.350) से बेहतर है. वेस्टइंडीज की इस जीत और जिम्बाब्वे की हार से अब वेस्टइंडीज का पलड़ा भारी हो गया है. वहीं, जिम्बाब्वे की हालत खराब हो गई है. वेस्टइंडीज के अब दो मैच भारत और साउथ अफ्रीका से हैं. वहीं, जिम्बाब्वे को साउथ अफ्रीका और भारत से खेलना है.वेस्टइंडीज अपने आगे के दो मैच में से एक मैच जीतता है और एक हारता है तो भी उसके सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीद जिंदा रहेगी. कारण है उसका सबसे बेहतर नेट रन रेट. वहीं, भारत और साउथ अफ्रीका भी अगर दोनों मैच जीतते हैं तो फिर 3 टीमें होंगी जिनके पास 6 अंक होंगे. यानी फैसला नेट रन रेट से ही होगा. अगर भारत को सेमीफाइनल में जगह बनानी है तो गणित बिलकुल साफ है. भारत अपने दोनों मैच बेहतर अंतर से जीते. साथ ही वो दुआ करे की साउथ अफ्रीका भी अपने सारे मैच जीते. अगर साउथ अफ्रीका और भारत दोनों अपने बाकी के दो-दो मैच जीतते हैं तो मतलब वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे के पास केवल 2-2 अंक ही बचेंगे. ऐसे में भारत और साउथ अफ्रीका इस ग्रुप से सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई कर जाएगा. लेकिन अगर साउथ अफ्रीका अपना एक मैच हारती है तो फिर फैसला नेट रन रेट से ही होगा और वहां भारत के लिए मुश्किल बढ़ सकती है. क्योंकि मौजूदा समय में भारत का नेट रन रेट वेस्टइंडीज और साउथ अफ्रीका दोनों से ही बेहद खराब स्थिति में है.
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