
नई दिल्ली । शिक्षा मंत्रालय का स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग 20-26 अक्टूबर तक 5 अन्य देशों के साथ सकुरा कार्यक्रम 2024 में भाग लेने के लिए 20 स्कूली छात्रों और 2 पर्यवेक्षकों को जापान भेज रहा है। बच्चों को स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा सीआईईटी-एनसीईआरटी में आयोजित एक समारोह में साक्षरात विभाग के उप सचिव चरणजीत तनेजा, सीआईईटी-एनसीईआरटी के संयुक्त निदेशक डॉ अमरेंद्र प्रसाद बेहरा और नवोदय विद्यालय की उपायुक्त कीर्ति पंवार ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
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इस कार्यक्रम में जापान विज्ञान और प्रौद्योगिकी एजेंसी के प्रबंधक केमोची युकिओ और स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग-शिक्षा मंत्रालय के अधिकारी भी शामिल हुए। ये 20 छात्र (10 लड़के और 10 लड़कियां) नवोदय विद्यालयों से हैं और देश भर से प्रेरणा कार्यक्रम के पूर्व छात्र हैं।
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उल्लेखनीय है कि युवा शिक्षार्थियों के बीच बौद्धिक क्षितिज और वैज्ञानिक अन्वेषण को विकसित करने के लिए, जापान विज्ञान और प्रौद्योगिकी एजेंसी (जेएसटी) 2014 से “जापान-एशिया युवा विज्ञान विनिमय कार्यक्रम” को लागू कर रही है, जिसे “सकुरा विज्ञान कार्यक्रम” के रूप में भी जाना जाता है। भारत को 2015 में सकुरा कार्यक्रम में जोड़ा गया था। छात्रों को कार्यक्रम के तहत जापान की अल्पकालिक यात्राओं के लिए आमंत्रित किया जाता है, जिससे उन्हें जापान के अत्याधुनिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी के साथ-साथ इसकी संस्कृति का अनुभव करने का अवसर मिलता है।
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भारत ने पहली बार अप्रैल 2016 में इस कार्यक्रम में भाग लिया था। अब तक इस कार्यक्रम के तहत 553 छात्र और 85 पर्यवेक्षक जापान का दौरा कर चुके हैं। आखिरी बैच जून 2024 में जापान गया था।
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