RADA
विशेष

दवाओं की पैकेजिंग में क्यों किया जाता है Aluminium Foil का इस्तेमाल?

नई दिल्ली। अक्सर आपने सुना होगा कि एल्युमिनियम फॉयल में खाना रखना सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। खासकर गर्म या एसिडिक फूड (जैसे नींबू, टमाटर ग्रेवी या अचार) को इसमें लपेटने से एल्युमिनियम कण खाने में मिल सकते हैं, जो शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं।

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

ये खबर भी पढ़ें : Raipur News, Chhattisgarh News, Epaper, Daily Hindi Morning Newspaper

हालांकि, क्या आपने कभी सोचा है कि अगर एल्युमिनियम इतना खतरनाक है, तो फिर दवाओं की पैकिंग में इसका इस्तेमाल (Medicines in Aluminium Foil) क्यों किया जाता है?

ये खबर भी पढ़ें : बॉलीवुड दीवाज़ के पर्पल सूट्स – स्टाइल जो आपका दिल जीत ले

असल में, खाने और दवाओं की पैकिंग में एल्युमिनियम फॉयल का उपयोग अलग-अलग कारणों से किया जाता है। आइए जानते हैं कि दवाओं में एल्युमिनियम फॉयल क्यों सुरक्षित माना जाता है, जबकि खाने में इसके ज्यादा इस्तेमाल से बचने की सलाह दी जाती है।

ये खबर भी पढ़ें : आपके Budget रखते हुए ख्याल  TATA TIAGO – स्टाइल, सेफ्टी  के साथ

खाने में एल्युमिनियम फॉयल का यूज क्यों खतरनाक हो सकता है?
गर्म और एसिडिक खाने में रिसाव
जब हम गर्म या खट्टे खाने को एल्युमिनियम फॉयल में लपेटते हैं, तो फॉयल का कुछ हिस्सा खाने में घुल सकता है। रिसर्च के अनुसार, अगर एल्युमिनियम ज्यादा मात्रा में शरीर में चला जाए, तो यह दिमाग और हड्डियों पर बुरा असर डाल सकता है।

ये खबर भी पढ़ें : निगम जोन 2 में होली मिलन समारोह, सभापति सूर्यकांत राठौड़ ने दी शुभकामनाएं

हाई टेम्परेचर पर बढ़ जाता है खतरा

ओवन या तंदूर में एल्युमिनियम फॉयल का इस्तेमाल करने से इसके छोटे-छोटे कण खाने में मिल सकते हैं, जो लंबे समय तक शरीर में जमा होकर न्यूरोलॉजिकल समस्याएं (जैसे अल्जाइमर) बढ़ा सकते हैं।

ये खबर भी पढ़ें : AC चालू करने से पहले ज़रूरी बातें

ज्यादा एल्युमिनियम सेहत के लिए सही नहीं

वैसे तो एल्युमिनियम एक हल्का धातु है और थोड़ी मात्रा में शरीर इसे बाहर निकाल सकता है, लेकिन अगर यह ज्यादा मात्रा में इकट्ठा हो जाए, तो यह नर्वस सिस्टम और किडनी पर असर डाल सकता है।

ये खबर भी पढ़ें : बेली फैट कम करने के लिए मेथी का उपयोग

दवाओं की पैकिंग में क्यों सुरक्षित माना जाता है एल्युमिनियम फॉयल?

अब सवाल उठता है कि अगर एल्युमिनियम इतना नुकसानदायक है, तो फिर दवाओं की स्ट्रिप्स और पैकिंग में इसका इस्तेमाल क्यों किया जाता है? इसका जवाब बहुत ही वैज्ञानिक और तार्किक है।

ये खबर भी पढ़ें : सैमसंग गैलेक्सी S24+ पर धमाकेदार ₹43,000 की छूट

दवाओं को हानिकारक प्रभावों से बचाता है

एल्युमिनियम फॉयल दवाओं को नमी, ऑक्सीजन, रोशनी और बैक्टीरिया से बचाने का सबसे सुरक्षित तरीका है। अगर दवाओं की पैकिंग प्लास्टिक या किसी अन्य मटेरियल से की जाए, तो वे जल्दी खराब हो सकती हैं।

ये खबर भी पढ़ें : छत्तीसगढ़ में वित्तीय क्रांति! सालाना 50 करोड़ की बचत से बढ़ेगी विकास की रफ्तार

शरीर में एल्युमिनियम नहीं जाता

दवा की पैकिंग में इस्तेमाल होने वाला एल्युमिनियम फॉयल सीधे दवा के साथ संपर्क में नहीं आता, क्योंकि टैबलेट या कैप्सूल पर पहले से एक सुरक्षात्मक कोटिंग होती है। इसलिए, एल्युमिनियम के हानिकारक कण शरीर में नहीं पहुंचते।

ये खबर भी पढ़ें : CG Big Breaking : बस्तर में स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी छलांग, 19 स्वास्थ्य केंद्र हुए सर्टिफाइड

यह FDA और WHO द्वारा अप्रूव है

दवाओं की पैकिंग में एल्युमिनियम फॉयल का उपयोग FDA और WHO जैसी संस्थाओं द्वारा पूरी तरह से सुरक्षित माना गया है।

सही तरीके से इस्तेमाल करें एल्युमिनियम फॉयल

खाने के लिए: कोशिश करें कि गर्म या एसिडिक खाने को एल्युमिनियम फॉयल में ज्यादा देर तक न रखें।
ओवन में: अगर फॉयल का उपयोग कर रहे हैं, तो खास तापमान के लिए डिजाइन किए गए फॉयल का इस्तेमाल करें।
दवाओं के लिए: इसमें कोई खतरा नहीं है, क्योंकि दवाएं सीधे फॉयल के संपर्क में नहीं आतीं।

ये खबर भी पढ़ें : मिर्जापुर जैसी धांसू वेब सीरीज़, जो रखेगी आपको सीट से चिपकाए!

Join Us
Back to top button
12 हजार से भी कम, 8GB रैम और 5G सपोर्ट के साथ 25,000 में ट्रेन से 7 ज्योतिर्लिंग यात्रा, जानें पूरा पैकेज और किराया IRCTC Bharat Gaurav चलेगी 10 पैसे प्रति किलोमीटर e-Luna Prime,सस्ती इलेक्ट्रिक बाइक iPhone से Pixel तक स्मार्टफोन पर बेस्ट डील्स, आज आखिरी मौका