
AAP को मिला नया चेहरा: संजीव अरोड़ा ने ली मंत्री पद की शपथ, भगवंत मान कैबिनेट में फिर बदलाव
पंजाब की नई सियासी कहानी: संजीव अरोड़ा बने मंत्री-पंजाब की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हुआ है, जब संजीव अरोड़ा ने राज्य मंत्री पद की शपथ ली। यह 11 मिनट का छोटा सा समारोह था, लेकिन इसके राजनीतिक मायने बहुत बड़े हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!11 मिनट की शपथ, बड़े राजनीतिक मायने-राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने संजीव अरोड़ा को मंत्री पद की शपथ दिलाई। पंजाबी भाषा में ली गई इस शपथ के बाद, वे भगवंत मान सरकार में 17वें मंत्री बने। हालांकि, कुलदीप सिंह धालीवाल के पद से हटने के बाद, मंत्रियों की संख्या फिर से 16 हो गई है। यह छोटा सा समारोह पंजाब की राजनीति में एक बड़े बदलाव की शुरुआत है।
धालीवाल के बाद कैबिनेट में नया संतुलन-कुलदीप सिंह धालीवाल के इस्तीफे के बाद मंत्रिमंडल में एक खाली जगह थी, जिसे संजीव अरोड़ा ने भर दिया। धालीवाल का सियासी सफ़र तीन साल में ज़मीन से आसमान तक का रहा है। अब, अरोड़ा के आने से कैबिनेट में फिर से संतुलन स्थापित हुआ है। यह बदलाव पंजाब की राजनीति में नए समीकरणों को जन्म दे सकता है।
लुधियाना में शानदार जीत, आम आदमी पार्टी को मिली ताकत-हाल ही में हुए लुधियाना वेस्ट उपचुनाव में, संजीव अरोड़ा ने कांग्रेस के अनुभवी नेता भरत भूषण आशु को 10,637 वोटों से हराकर आम आदमी पार्टी को शहरी क्षेत्रों में एक बड़ी जीत दिलाई। उन्हें मिले 35,179 वोटों से आम आदमी पार्टी का वोट शेयर 2022 के मुकाबले 4% बढ़कर 39.02% हो गया है। यह जीत पार्टी के लिए एक बड़ा मनोबल बढ़ाने वाला कदम है।
कारोबारी से नेता, अब मंत्री की कुर्सी पर-राजनीति में आने से पहले, संजीव अरोड़ा एक सफल उद्योगपति थे। रितेश इंडस्ट्रीज लिमिटेड और हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड जैसे बड़े बिज़नेस ग्रुप से जुड़े होने के बाद, अब वे पंजाब की राजनीति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उनके अनुभव और विशेषज्ञता से पंजाब सरकार को फायदा मिलने की उम्मीद है।

