
राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने कांग्रेस की गुटबाजी उजागर,सभा रही फ्लॉप शो:संजय श्रीवास्तव
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव ने कांग्रेस की सोमवार को यहां हुई किसान-जवान-संविधान जनसभा को कांग्रेस का एक और सुपर फ्लॉप शो ऊबताते हुए कहा है कि इससे कांग्रेस का झूठ और गुटबाजी से सराबोर चरित्र जगजाहिर हो गया है। श्रीवास्तव ने कहा कि कांग्रेस में गुटबाजी इस कदर बढ़ चुकी है कि यहाँ के कांग्रेस नेता अब अपने बड़े नेताओं तक का भी लिहाज नहीं रख रहे हैं। भाजपा प्रदेश महामंत्री श्रीवास्तव ने कहा कि जिस जनसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की मौजूदगी में कांग्रेस के एक गुट द्वारा नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत तक को बोलने से रोकने का प्रयास किया गया, उससे कांग्रेस के दयनीय हो चले संगठनात्मक ढाँचे और अनुशासन का अनुमान सहज ही लगाया जा सकता है। गुटबाजी का आलम अनुशासनहीनता की इस पराकाष्ठा पर पहुंच गया और कार्यकर्ताओं ने अपने प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज की अपील को अनसुना करने में कसर बाकी नहीं रखी। श्रीवास्तव ने कहा कि पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव को भी राष्ट्रीय अध्यक्ष तक नहीं पहुँचने दिया गया। अब यह बताने की आवश्यकता शेष नहीं है कि नारेबाजी से गुटीय शक्ति का प्रदर्शन करने वाले कार्यकर्ता किसके इशारे पर यह सब कर रहे थे। प्रदेश अभी हाल ही प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट की मौजूदगी में हुई उस बैठक को भूला नहीं है जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बैज और नेता प्रतिपक्ष महंत को बेहद तीखे लहजे में आड़े हाथों लिया था। पूर्व उपमुख्यमंत्री सिंहदेव से बघेल की सियासी अदावत तो पूरा प्रदेश जनता ही है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!भाजपा प्रदेश महामंत्री श्री श्रीवास्तव ने कहा कि कांग्रेस का पूरा राजनीतिक इतिहास गुटबाजी और अनुशासनहीनता के मामलों से भरा पड़ा है और कांग्रेस में इस तरह का शक्ति-प्रदर्शन कोई नई बात नहीं है। विधानसभा चुनाव से लेकर हाल के निकाय व पंचायत चुनावों तक कांग्रेस की करारी हार के लिए जिम्मेदारी तय नहीं की जा सकी है, वहीं इसी गुटबाजी के चलते दो साल से बैज अपनी प्रदेश कार्यकारिणी नहीं बना पा रहे हैं और कांग्रेस के जिलाध्यक्षों की अगली सूची तय और घोषित करने में आलाकमान तक को पसीना आ रहा है। श्री श्रीवास्तव ने तंज कसा कि अपना झूठा नैरेटिव सेट करके किसान-जवान-संविधान के नाम प्रदेश को बरगलाने की बदनीयती कांग्रेस को भारी पड़ गई है और मुद्दाविहीन कांग्रेस का नेतृत्व-संकट भी जगजाहिर हो गया। जिन कांग्रेस नेताओं ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने भी गुटबाजी का नजारा पेश करने में गुरेज नहीं किया, वह प्रदेश में कांग्रेस को किस तरह रसातल में धकेल रहे हैं, कांग्रेसी जनसभा इसे बताने के लिए पर्याप्त है।



