
छत्तीसगढ़ विधानसभा में राशन वितरण पर हंगामा: बिलासपुर में ई-केवायसी न होने पर 1 लाख से अधिक लोगों का आबंटन रोका, विपक्ष ने किया वॉकआउट
रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के प्रश्नकाल में बिलासपुर जिले में ई-केवायसी प्रक्रिया पूरी न होने के कारण राशन वितरण रोकने का मुद्दा तेजी से गरमाया। कांग्रेस विधायक दिलीप लहरिया ने खाद्य मंत्री दयालदास बघेल से सवाल किया कि क्या फरवरी 2026 में ई-केवायसी अपडेट न होने से राशन कार्डधारियों का खाद्यान्न आबंटन रोक दिया गया है? यदि हां, तो प्रभावित हितग्राहियों के लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्था की गई है?
मंत्री दयालदास बघेल ने सदन को बताया कि जिन राशन कार्डधारियों का ई-केवायसी पूरा नहीं हुआ है, उनका खाद्यान्न वितरण फिलहाल रोका गया है। बिलासपुर जिले में ऐसी संख्या 1 लाख से अधिक है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑफलाइन उचित मूल्य दुकानों से जुड़े राशन कार्ड, एकल निराश्रित, दिव्यांग, गंभीर बीमारी से पीड़ित और नॉमिनी के माध्यम से राशन लेने वाले हितग्राहियों को नियमित आबंटन जारी रखा गया है।
मंत्री ने आगे कहा कि वित्त विभाग के परिपत्र के अनुसार ई-केवायसी पूरा होने के बाद ही पूर्ण आबंटन बहाल किया जाएगा। इसके लिए उचित मूल्य दुकानों में ई-पॉस मशीन के माध्यम से सुविधा उपलब्ध है। साथ ही हितग्राही “मेरा ई-केवायसी” एंड्रॉयड ऐप के जरिए फेस ई-केवायसी भी कर सकते हैं।
विधायक दिलीप लहरिया ने मंत्री के जवाब पर असंतोष जताते हुए कहा कि उनका सवाल उन्हीं गरीबों के लिए है जिनका ई-केवायसी अभी तक नहीं हुआ है, और मंत्री का जवाब सदन को गुमराह करने वाला है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सरकार को घेरा और कहा कि मंत्री खुद स्वीकार कर रहे हैं कि हर जिले में एक लाख से अधिक लोगों का ई-केवायसी बाकी है। ऐसे में पूरे प्रदेश में 30 लाख से अधिक गरीबों को राशन से वंचित करने की क्या व्यवस्था है? उन्होंने कहा कि मजदूरी करने वाले लोगों के फिंगरप्रिंट मैच न होने या सर्वर की समस्या के कारण केवाईसी नहीं हो पाता, तो क्या उन्हें भूखा रखा जाएगा?
मंत्री ने जवाब में कहा कि जिनके पास राशन कार्ड है, उन्हें दुकान पर जाकर ई-केवायसी करवाना चाहिए। कार्ड में दर्ज किसी भी सदस्य को प्रक्रिया पूरी करने की अनुमति है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पलटवार करते हुए पूछा कि जहां नेटवर्क और सर्वर काम नहीं कर रहे, वहां सरकार ने क्या वैकल्पिक व्यवस्था की है? मंत्री के संतोषजनक जवाब न मिलने पर विपक्षी विधायकों ने जोरदार विरोध जताया और सदन से वॉकआउट कर दिया।
